अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी भजन लिरिक्स

अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी भजन लिरिक्स

अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी
करे न जब तुझपे दवा दुआ कोई काम
किसी भी झाड़े से नहीं मिले आराम
दादी से कहना तेरी तकलीफ मिटा देगी
अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी

चुनरी दादी की जादगारी है
दादी को लगती सबसे प्यारी है
सोलह श्रृंगार दादी करती है
चुनरिया सब पे पड़ती भारी है
चुनरी में क्या जादू है तुझको दिखला देगी
अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी

बड़ी है सकलाई है चुनरिया में
तभी तो सर पे रखा मैया ने
काम कर देती ऐसे ऐसे
कोई भी कर ना पाया दुनिया में
नामुमकिन को मुमकिन ये पल भर में बना देगी
अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी

तेरा संकट सारा टल जाएगा
काम है अटका जो बन जायेगा
दोष ग्रहों का जो भी होगा तो
हाथों ही हाथ वो मिट जाएगा
सोनू कहे चुनरी तेरी तक़दीर जगा देगी
अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी
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