ऐसी म्हारी प्रीत निभावज्यो जी निर्धन का हो राम
ऐसी म्हारी प्रीत निभावज्यो जी निर्धन का हो राम प्रीत करे तो ऐसी कीजै, जैसे लोटा डोर, गला फँसाए आपना, पानी पिए कोई और। प्रीत करे तो ऐसी मत क...
ऐसी म्हारी प्रीत निभावज्यो जी निर्धन का हो राम प्रीत करे तो ऐसी कीजै, जैसे लोटा डोर, गला फँसाए आपना, पानी पिए कोई और। प्रीत करे तो ऐसी मत क...
म्हारा सद्गुरु है रंगरेज चुनर मोरी रंग डारी कबीर खड़े बाजार में, सबकी चाहे खैर, ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर। खेल ब्रह्मांड का इस पिंड ...
कोई मत छेड़ो रे यार हमें कोई मत छेड़ो रे भेदी जाणे सर्वगुण, अणभेदी क्या जाण, के जाणे गुरु पारखी, के जिन लागा बाण। जब मैं था तब गुरु नाहीं, अ...
हम परदेशी पंछी रे साधु भाई कबीर भजन -साखी- हम वासी वा देश के ,और धरण गगन दोई नाई । शब्द मिलावा हो रहा, और देह मिलावा नाई ।। बिन पवन का प...
मेरे हद की सरहदे मेरे मौला आके जरा मिटा दो साहिब तमारी साहिबी, सब घट रही समाय, मेहंदी के रे पात में, लाली लखी नहीं जाय। (साहिब तेरी साहिबी, ...
घणो रिझायो हो दीवानी प्रहलाद सिंह टिपानिया एजी मैं पिया की प्यारणी, और अपना करले री, अरे कलह कल्पना मैट के, और चरणों चित्त दे री। अरे बहुत...
बांऊ अगाड़ी म्हारां वासा भजन बाकी तेग कबीर की, अणि पड़े जो दो टूक, मारा मीर महाबली, ऐसी मूठ अचूक, बाक़ा गढ़का काम का, ना बाकी गढ़ की पोल काछ कबी...
साधो देखा हूँ जग बोराना भजन साखी राम रहीमा एक है, मत समझो कोई दोय, अन्तर टाटी भरम की, यासे सूझे दोय। साधो देखा हूँ जग बोराना, सांच ...
नथ म्हारी दई दो हो गिरधारी भजन अखियाँ प्रेम कसाइयाँ, और जिन जान्यो दुःख पाय, राम सनेही कारणे, और रो रो रात बिताय, (अंषड़िया प्रेम कसाइयाँ, लो...
जावो नुगरी काया भजन आया है सो जाऐगा, राजा रंक फ़कीर कोई सिंहासन चढ़ चले कोई बंधे जंजीर।। ऊंचे महल चुनावते, करते होड़म होड़। अरे ते मंदिर खा...