Prahlad Singh Tipaniya Bhajan Lyrics in Hindi

ऐसी म्हारी प्रीत निभावज्यो जी निर्धन का हो राम

ऐसी म्हारी प्रीत निभावज्यो जी निर्धन का हो राम प्रीत करे तो ऐसी कीजै, जैसे लोटा डोर, गला फँसाए आपना, पानी पिए कोई और। प्रीत करे तो ऐसी मत क...

Saroj Jangir

गुरु बिना कोई काम न आवे भजन

गुरु बिना कोई काम न आवे भजन गुरु शब्द है, गुरु समझ है, गुरु मार्गदर्शन है, गुरु के द्वारा शिष्य, अपने लक्ष्य तक पहुँच जाता है, चंदा जाएगा, स...

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कोई मत छेड़ो रे यार हमें कोई मत छेड़ो रे

कोई मत छेड़ो रे यार हमें कोई मत छेड़ो रे भेदी जाणे सर्वगुण, अणभेदी क्या जाण, के जाणे गुरु पारखी, के जिन लागा बाण। जब मैं था तब गुरु नाहीं, अ...

Saroj Jangir

गुरु जी बिना कोई कामे नी आवे

गुरु जी बिना कोई कामे नी आवे प्रसिद्द भजन गुरु जी बिना कोई काम नी आवे/नहीं आवे स्वर श्री प्रह्लाद सिंह टिपानिया जी। गुरु शब्द है, गुरु समझ ह...

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हम परदेशी पंछी रे साधु भाई कबीर भजन

हम परदेशी पंछी रे साधु भाई कबीर भजन -साखी-    हम वासी वा देश के ,और धरण गगन दोई नाई  । शब्द मिलावा हो रहा, और देह मिलावा नाई ।। बिन पवन का प...

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मेरे हद की सरहदे मेरे मौला आके भजन

मेरे हद की सरहदे मेरे मौला आके जरा मिटा दो साहिब तमारी साहिबी, सब घट रही समाय, मेहंदी के रे पात में, लाली लखी नहीं जाय। (साहिब तेरी साहिबी, ...

Saroj Jangir 1

घणो रिझायो हो दीवानी प्रहलाद सिंह टिपानिया

घणो रिझायो हो दीवानी प्रहलाद सिंह टिपानिया   एजी मैं पिया की प्यारणी, और अपना करले री, अरे कलह कल्पना मैट के, और चरणों चित्त दे री। अरे बहुत...

Saroj Jangir

बांऊ अगाड़ी म्हारां वासा धरमी

बांऊ अगाड़ी म्हारां वासा भजन बाकी तेग कबीर की, अणि पड़े जो दो टूक, मारा मीर महाबली, ऐसी मूठ अचूक, बाक़ा गढ़का काम का, ना बाकी गढ़ की पोल काछ कबी...

Saroj Jangir 2

साधो देखा हूँ जग बोराना भजन

साधो देखा हूँ जग बोराना भजन साखी राम रहीमा एक है, मत समझो कोई दोय, अन्तर टाटी भरम की, यासे सूझे दोय। साधो देखा हूँ जग बोराना, सांच ...

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नथ म्हारी दई दो हो गिरधारी भजन

नथ म्हारी दई दो हो गिरधारी भजन अखियाँ प्रेम कसाइयाँ, और जिन जान्यो दुःख पाय, राम सनेही कारणे, और रो रो रात बिताय, (अंषड़िया प्रेम कसाइयाँ, लो...

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