Shabnam Virmani Kabir Bhajan Lyrics in Hindi Kabir Nirguni Bhajan Lyrics Hindi

सकल हंस में राम विराजे राम बिना कोई धाम नहीं लिरिक्स

सकल हंस में राम विराजे राम बिना कोई धाम नहीं लिरिक्स Sakal Hans Me Raam Bhajan सकल हंस में राम विराजे, राम बिना कोई धाम नहीं, सब ब्रह्मांड...

Saroj Jangir

हिवड़े सुख बरसे आनंद

हिवड़े सुख बरसे आनंद होवे रे डीघी डीघी पाल समंद री, तलवे जल जमुना रो नीर, होवे रे पार चढ़े गुरु नो मैं जोवियो रे, सतगुरु त्रमना री सीर। होवे...

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तेरी काया नगर का कुण धणी भजन

तेरी काया नगर का कुण धणी भजन तेरी काया नगर का कुण धणी, मारग में लूटे पांच जणी, पांच जनी पच्चीस जनी, मारग में लूटे पांच जणी। आशा तृष्णा नदि...

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कर गुजरान फकीरी में साधो भाई

कर गुजरान फकीरी में साधो भाई भजन कर गुजरान फकीरी में साधो भाई, मगरूरी क्यों करता, जोगी होकर जटा बढ़ावे, नंगे पाँव क्यों फिरता है रे भाई, गठरी...

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करना होय सो करले रे साधो भजन

करना होय सो करले रे साधो भजन करनी को तो क्यों डरे, और करहि क्यों पछताय, तूने बोया पेड़ बबुल का, फिर आम कँहा से खाय। करना रे होय से करले रे सा...

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करना रे होय सो कर ले साधो शबनम विरमानी

करना रे होय सो कर ले रे साधो शबनम विरमानी   राम भजन भजियो नहीं, नहीं कियो हरी सूँ हेत, अब पछताया क्या करे, जब चिड़िया चुग गयी खेत, करना रे...

Saroj Jangir

कर गुजरान ग़रीबी(फ़कीरी में साधो भाई

इस भजन के कुछ शब्दार्थ जिनके अर्थ हैं - शब्दार्थ : गुजरान : गुज़ाराँ करना / समय व्यतीत करना (گزاراں) To pass or spend time, to pass lif...

Saroj Jangir 1

कोई नहीं अपना समझ मना भजन

कोई नहीं अपना समझ मना भजन   चाकी चाकी सब कहें, कीली कहें ना कोय, जो कीली से लाग रहा, वाको बाल ना बाँका होय, कोई नहीं अपना, समझ मना, धन दौलत ...

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डेडरिया छोड़ छिलरिये री आसा

डेडरिया छोड़ छिलरिये री आसा   बूँद पड़ी समुंद (समुद्र ) में, जाने है सब कोई, समुंद समाना बून्द में, जाने बिरला कोय, मैं लगा उस एक (ईश्वर ) से,...

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मैं जागूँ म्हारां सतगुरु जागे कबीर भजन

मैं जागूँ म्हारां सतगुरु जागे भजन     कबीर साहेब के इस भजन में जागने से आशय माया के भ्रम को समझ कर जीवन के उद्देश्य को समझने से है। एक तो सा...

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