सुबह सुबह जब भी मेरी आंखे खुलती भजन

सुबह सुबह जब भी मेरी आंखे खुलती है भजन

 
सुबह सुबह जब भी मेरी आंखे खुलती है लिरिक्स Subah Subah Jab Bhi Meri Aankhe Lyrics, Krishna Bhajan by Kanhaiya Mittal

सुबह सुबह जब भी,
मेरी आंखे खुलती हैं,
आँखों के सामने बस,
आरती घुमती है,
मेरे इतर की खुशबू से,
ये दुनिया झूमती है,
ये दुनिया महकती है,
सुबह सुबह जब भी,
मेरी आंखे खुलती हैं,
आँखों के सामने,
बस आरती घुमती है।

श्रृंगार सुंदर सजा हुआ होता है,
प्रेमियों से मंदिर भरा हुआ होता है,
प्रेमी के दिल की बात कानो में गूंजती है,
सुबह सुबह जब भी,
मेरी आंखे खुलती हैं,
आँखों के सामने,
बस आरती घुमती है।

एक एक प्रेमी का काम बनेगा,
थोड़ा धीर रखना,
सबका जीवन सजेगा,
जब वो खाटू आते हैं,
उन्हें दुनिया ढूंढती हैं,
सुबह सुबह जब भी,
मेरी आंखे खुलती हैं,
आँखों के सामने,
बस आरती घुमती है।

घमंड ना भाता मुझको,
पाखंड ना भाता,
कोई भी कन्हैया,
बाकी खाली ना जाता,
हारे का सहारा हूँ,
ये दुनिया जानती है,
सुबह सुबह जब भी,
मेरी आंखे खुलती हैं,
आँखों के सामने,
बस आरती घुमती है। 

Subah Subah Jab Bhi Meri Aankhe Khulti Hai Bhajan - Kanhiya Mittal New Bhajan 2018 | प्रशाद Bhajan

❤ Album - प्रशाद 
❤ Bhajan Company - Kanhiya Mittal Entertainments

सुबह की पहली किरण के साथ आँख खुलते ही आरती की थाल घूमने लगती है, जैसे इत्र की खुशबू से दुनिया महक उठे। श्रृंगार सजा मंदिर प्रेमियों से भरा होता है, हर दिल की बात कानों में गूँजती है। खाटू श्याम जी के दर पर धीरज रखो तो एक-एक काम बन जाता है, जीवन सज जाता है। इश्वर का आशीर्वाद हर भोर में बरसता रहता है।

घमंड-पाखंड नापसंद, बस सच्चे कन्हैया को लो तो खाली न जाओगे, हारे का सहारा सब जानते हैं। साधक को सुकून मिलता है ये सोचकर कि सुबह की आरती ही दिन रंगीन कर देती है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री खाटू श्याम जी की। 

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