आओ रे भक्तो खेले होली महाकाल के आँगन

आओ रे भक्तो खेले होली महाकाल के आँगन

 आयो रे फागुन, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, हिलमिल खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।

फागुन का रंग बरस रहा है,
इत्र-गुलाल भी महक रहा है।।
होती है बरसात धर्म की,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।

भक्त सभी उज्जैन में आके,
खोए हुए हैं मस्ती में।।
रंग-गुलाल से खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।

धरती, अंबर, चाँद-सितारे,
मिलकर कहते हैं ये सारे।।
आयी है देवों की टोली,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।

जो भी माँगो, वो मिलता है,
बाबा के दरबार में आके।।
खुल जाती है किस्मत सबकी,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।

आयो रे फागुन, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।
आओ रे भक्तों, हिलमिल खेले होली,
महाकाल के आँगन में।।


Holi Special | Mahakal Ke Aangan Main | होली महाकाल के आँगन में | Mahakal Bhajan 2022
Next Post Previous Post