चाक पर अपनी रख मुझे रूप अपना मसीह सोंग
चाक पर अपनी रख मुझे रूप अपना येशु मसीह सोंग
चाक पर अपनी रख मुझे ,
रूप अपना येशु दे मुझे
जलाल का अपने बर्तन बना
आकार दे अपने हाथो से ,
तेरी मर्जी हो पूरी मुझसे
एक ऐसी मसक मुझको बना
फरियाद ये तुझसे खुदा ,
मुझको उठा ,
मुझको बना
फरियाद ये तुझसे खुदा ,
मुझको उठा ,
मुझको बना
भरदे रूह से ,
अपनी सामर्थ से
पंखो में अपने छुपा
मिट्टी में जान हूँ ,
मुझको उठाले ,
हाथो से अपने बना
रूप अपना येशु दे मुझे
जलाल का अपने बर्तन बना
आकार दे अपने हाथो से ,
तेरी मर्जी हो पूरी मुझसे
एक ऐसी मसक मुझको बना
फरियाद ये तुझसे खुदा ,
मुझको उठा ,
मुझको बना
फरियाद ये तुझसे खुदा ,
मुझको उठा ,
मुझको बना
भरदे रूह से ,
अपनी सामर्थ से
पंखो में अपने छुपा
मिट्टी में जान हूँ ,
मुझको उठाले ,
हाथो से अपने बना
बिगड़ न जाऊं ,
बिखर न जाऊं में
तेरे हाथो में ही रहना चाहूँ में
दुनिया की भीड़ में ,
कहीं खो न जाऊं में
किसी भीड़ में कुचलना जाऊं में
अपने साये में मुझको छुपा ,
अपने हाथो से मुझको सजा
भरदे रूह से अपनी सामर्थ से
पंखो में अपने छुपा
मिट्टी में जान हूँ ,
मुझको उठाले ,
आँखों से अपना बना
मेहफ़ूज़ हु में तेरे, साये में खुदा
तेरा हाथ में कभी न छोडूंगा
अपने साये में मुझको छुपा ,
अपने हाथो से मुझको सजा
और भरदे रूह से ,
अपने सामर्थ से,
पंखो में अपने छुपा
मिट्टी में जान हूँ ,
मुझको उठाले ,
हाथो से अपना बना
Chaak Par - PRAISING MY SAVIOUR CONCERT 2013
Assembly Of Believers' Church in INDIA (ABC)
येशु चाक पर रख मुझे तो रूप तेरा ही चढ़ जाए, जलाल का बर्तन बना आकार दे हाथों से। तेरी मर्जी पूरी हो ऐसी मिट्टी गढ़, फरियाद है खुदा उठा ले बना ले। रूह भर अपनी सामर्थ से पंखों में छुपा दे, बिखरने न दूंगी तेरे हाथों में रहूंगी। दुनिया की भीड़ में खो न जाऊं कुचला न जाऊं, साये में छुपा हाथों से सजा दे। इश्वर का आशीर्वाद है, जो मिट्टी को जान बना देता।
भक्ति का रंग चढ़ा तो हर सांस तेरी हो जाए, साये में मेहफूज रहूं हाथ न छोडूंगा। हमें दिखाते हैं कि सच्चा बंधन तो समर्पण से बनता, दिल से लगाओ तो जीवन सज जाए। जरा मन खोल लो इस प्रेम में, बिखराव दूर हो जाए। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी शांति मिले।
