बृजधाम जायेंगें गोकुल गांव जायेंगें
बृजधाम जायेंगें गोकुल गांव जायेंगें
गोकुल का ग्वाला आला रे आला,मटकी है ऊंची नाचे बृज बाला,
गोकुल का ग्वाला आला रे आला,
मटकी है ऊंची नाचे बृज बाला।
बृजधाम जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें,
गोकुल गांव जायेंगें,
गोकुल गांव जायेंगें,
जन्माष्टमी जा कर,
श्याम घर,
धूम से मनायेंगें,
बृजधाम जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें।
आज के ही दिन,
आया नंदलाला,
पड़ा गोकुल की,
ग्वालन से पाला,
आज के ही दिन,
आया नंदलाला,
पड़ा गोकुल की,
ग्वालन से पाला,
ऊंची डोरी पे बांधी मटकी,
लपक झपक आये बृज ग्वाला,
माखन चोर की ये लीला,
माखन चोर की ये लीला,
ये देखो कैसी निराली,
बाल गोपाल की,
ये अटखेलियां,
वहीं जाके दिखेंगें,
वहीं जाके दिखेंगें।
नंद के घर आज आनंद है,
देवकी मन परम आनंद है,
हरि का स्वरूप बाल रूप है,
अष्टमी की गोकुल में धूम है,
जा के गोवर्धन पूजेंगे,
जा के गोवर्धन पूजेंगे,
मानसी गंगा नहायेंगें,
बाल गोपाल की,
ये अटखेलियां,
वहीं जाके दिखेंगें,
वहीं जाके दिखेंगें।
द्वापर में आये बाल रूप धर,
पाप का विनाश किया,
पापी मारे श्री चक्रधर,
धर्म का प्रचार किया,
देखी लीला बाल कृष्ण की,
भवसागर से हम तर जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें।
बृजधाम जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें,
गोकुल गांव जायेंगें,
गोकुल गांव जायेंगें,
जन्माष्टमी जा कर,
श्याम घर,
धूम से मनायेंगें,
बृजधाम जायेंगें,
बृजधाम जायेंगें।
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
भजन श्रेणी : खाटू श्याम जी भजन (Khatu Shyam Ji Bhajan)