हर घड़ी याद तेरी आये सौतन बन के
हर घड़ी याद तेरी आये सौतन बन के
हर घड़ी याद तेरी आये, सौतन बन के,हर घड़ी याद तेरी आये, सौतन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की, जोगन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की, जोगन बन के।
एक जमाना था, बुलाने से चला आता था,
मुझ को कण कण में, तेरा चेहरा नजर आता था,
टूट गई मैं तेरे चेहरे का, दर्पण बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की, जोगन बन के,
हर घड़ी याद तेरी आये सौतन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की जोगन बन के।
शीशे जैसा मेरा दिल था, जो तूने तोड़ दिया,
मुझ को लगता है, किसी और से दिल जोड़ लिया,
अब तो हर रात मुझे डसती है नागिन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की, जोगन बन के,
हर घड़ी याद तेरी आये सौतन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की जोगन बन के।
दर्द अब दिल का बढ़ाने से, भला क्या होगा,
श्याम जो रुठा साथ छूटा, अब कहां होगा,
श्याम बृज वास करूं, इनकी बावरी बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की, जोगन बन के,
हर घड़ी याद तेरी आये सौतन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की जोगन बन के।
हर घड़ी याद तेरी आये, सौतन बन के,
हर घड़ी याद तेरी आये, सौतन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की, जोगन बन के,
मैं फिरूं श्याम तेरे नाम की, जोगन बन के।
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
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