ईब क्यांको तोड़ो म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम
ईब क्यांको तोड़ो,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम से,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम सै।
मात पिता म्हारो हाथ पकड़कर,
श्याम की लेर लगाया,
श्याम ही म्हारो जीवन साथी,
यो ही पाठ पढ़ाया जी,
ईब क्यांको तोड़ो,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम से,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम सै।
एसो जीवन साथी मिल्यो है,
म्हाने साथ कदे न छोड़े,
साथ साथ यो चाले म्हारे,
चढ़के लीले घोड़े जी,
ईब क्यांको तोड़ो,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम से,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम सै।
यो म्हारी तबियत की पूछे,
जो माँगा सो देवे,
देख उनमनो महान जद भी,
झट म्हारी सुध लेवे जी,
ईब क्यांको तोड़ो,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम से,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम सै।
बात करे हे मीठी मीठी,
जद भी यो बतलावे,
म्हारे दिल पर राज करे यो,
दूजो नहीं सुहावे जी,
ईब क्यांको तोड़ो,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम से,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम सै।
बिन्नू के मन में या ही है,
ईंया ही निभ जावे,
जनम जनम को साथ आपनो,
कोई तोड़ न पावे जी,
ईब क्यांको तोड़ो,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम से,
म्हारो गठजोड़ो बाबा श्याम सै।