तन मन धन जीवन अर्पण

तन मन धन जीवन अर्पण

तन मन धन जीवन अर्पण कर भारत श्रेष्ठ बनायेंगे।
तन मन धन जीवन अर्पण कर भारत श्रेष्ठ बनायेंगे।,
अपनी मेहनत से इस जग में हम सिरमौर कहायेंगे।

राम कृष्ण गौतम गुरूनानक की यह पावन पुण्य धरा ।
शस्य श्यामला सुरभित कण-कण अणु-अणु में अनुराग भरा ।
मंगलमय जीवन हो सबका ऐसी ज्योति जलायेंगे। ।।१।।

निज सस्कृति का सम्बल ले हम नई सोंच अपनायेंगे। ।
कोई भी न पीछे हो सब कदम से कदम मिलायेंगे। ।
उठे चले हम बढ़े निरन्तर सबमें भाव जगायेंगे। ।।२।।

स्वच्छ हमारे घर आँगन हो वन उपवन हरियाली हो ।
गंगा की निर्मल धारा हो घर - घर में खुशहाली हो ।
जननी जन्मभूमि अति सुन्दर , इसमे स्वर्ग जायेंगे। ।।३।।




तन मन धन जीवन अर्पण कर भारत श्रेष्ठ बनाऐंगें || वार्षिक गीत २०१९|| तन मन धन जीवन अर्पण लिरिक्स Tan Man Dhan Lyrics
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