थारी नगरी में सांवरिया भगतां फाग मचायो रे
थारी नगरी में सांवरिया,भगतां फाग मचायो रे,
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे।
अबीर गुलाल की,
भर भर झोली,
रोली भाल लगाई जी,
ईसो फाग तो मैं भी खेलूं,
जी ललचायो रे,
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे।
अनमोलो चोलो केसरियो,
फेट्यो बंध्यो कसुतो जी,
आज बतादे तन्ने कन्हैया,
कुण सजायो रे,
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे।
सीधो सीधो सभा मंड से,
बेगो बाहर आजा रे,
भीतर बड़के बैठ्यो म्हाने,
दाय ना आयो रे,
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे।
थारे आया ही अलबेला,
रंग सुरंगो जमसी जी,
श्याम बहादुर शिव मस्ती को,
प्यालो प्यायो रे,
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे।
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे,
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे।
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे,
थारी नगरी में सांवरिया,
भगतां फाग मचायो रे।
Fagun Special | Faag Machayo Re | Shyam Bhajan | Rahul Sanwara | थारी नगरी में भगतां फाग मचायो रे
Khatu Shyam Ji Bhajan Lyrics in Hindi