चार बहु मेरे चार ही बेटे सोंग
चार बहु मेरे चार ही बेटे
बहन मेरी बनी हवेली चार,राम गुण अब नहीं गाउंगी,
बहन मेरी बनी हवेली चार,
राम गुण अब नहीं गाउंगी।
चार बहु मेरे चार ही बेटे,
बहन मेरी चारों ही पैर दबामें,
राम गुण अब नहीं गाऊगी,
बहन मेरी बनी हवेली चार,
राम गुण अब नहीं गाउंगी।
दो बेटा मेरे लगे रे फौज में,
बहन उनकी तनखा साठ हजार,
राम गुण अब नहीं गाऊगी,
बहन मेरी बनी हवेली चार,
राम गुण अब नहीं गाउंगी।
दो बेटा मेरे लगे री पुलिस में,
बहन मेरे बालम थानेदार,
राम गुण अब नहीं गाऊंगी,
बहन मेरी बनी हवेली चार,
राम गुण अब नहीं गाउंगी।
देवरानी जेठानी मेरी ताने मारे,
बहन मेरी साड़ी गोटेदार,
राम गुण अब नहीं गाउंगी,
बहन मेरी बनी हवेली चार,
राम गुण अब नहीं गाउंगी।
एक बहू मेरी ऐसी आई,
बहन वाने कर दिया बारह वाट,
राम गुण अब नहीं गाऊंगी,
बहन मेरी बनी हवेली चार,
राम गुण अब नहीं गाउंगी।
देवरानी जेठानी मेरी ताने मारे,
बहनों तेरे कहां गए साठ हजार,
राम गुण अब मैं गाऊगी।
पोती पोते मेरे पैसे मांगे,
बहन मेरे लुट गये साठ हजार,
राम गुण अब मैं गाऊंगी।
देवरानी जेठानी मेरी यूं समझामें,
बहन सब मतलब को संसार,
राम गुण अब मैं गाऊंगी।
SATSANGI BHAJAN।। CHAR BAHU MERE CHAR HI BETE