छोड़ झमेला झूठे जग का कह गए दास कबीर भजन
छोड़ झमेला झूठे जग का कह गए दास कबीर भजन
छोड़ झमेला झूठे जग का,कह गए दास कबीर,
पार लगायेंगे एक पल में,
तुलसी के रघुवीर।
भूल भुलैया जीवन तेरा,
साचो नाम प्रभु को,
मन में बसा ले आज तू बन्दे,
ले कर नाम गुरु को,
सूरदास के श्याम हरेंगे,
जनम जनम की पीड़।
तेरा मेरा दिन भर करता,
पर तेरा कछु नहीं,
माटी का यह खेल है,
यह सारा मिलेगा माटी माहि,
मीरा जी के ईश बुलाये,
सब को यमुना तीर।
छोड़ झमेला झूठे जग का,
कह गए दास कबीर,
पार लगायेंगे एक पल में,
तुलसी के रघुवीर।
chhod jhamela jhoote jag ka..Kabir Das_Mukesh_in the fake world,Love is blind,Hate is deaf_a tribute
कबीरदास जी हम सभी से अपील करते हैं कि हम इस झूठे संसार की उलझनों को त्याग दें। इस छोटी-सी मानव जीवन में यदि हम तुलसीदास जी के आराध्य प्रभु श्रीराम को पूर्ण समर्पण कर दें तो अपना परम लक्ष्य बहुत शीघ्र प्राप्त कर सकते हैं। यह जीवन जैसा हम समझते हैं, वह असत्य और व्यर्थ है, वास्तविकता तो केवल भगवान का नाम ही है। अतः हे मनुष्य! आज ही अपने गुरु की सहायता से भगवान के उस मनोहर स्वरूप को अपने हृदय में स्थापित कर लो। ऐसा करने से श्रीकृष्ण जन्म-जन्मांतर के दुखों को हर लेंगे। हम सारा दिन अपना बहुमूल्य समय “तेरा-मेरा” के भेदभाव में बर्बाद करते रहते हैं, जबकि वास्तव में कुछ भी हमारा या तुम्हारा नहीं है। इस जीवन के खेल की हर वस्तु मिट्टी से बनी है और एक दिन फिर मिट्टी में समा जाएगी। इसलिए मीरा के आह्वान पर ध्यान दो, एकांत में बैठकर आत्म-समर्पण की प्रक्रिया आरंभ कर दो।
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