जगदम्बे कृपा कीजिए हमको अपनी शरण लीजिए

जगदम्बे कृपा कीजिए हमको अपनी शरण लीजिए

(मुखड़ा)
जगदम्बे कृपा कीजिए,
शेरावाली कृपा कीजिए,
जगदम्बे दया कीजिए,
शेरावाली दया कीजिए,
हमको अपनी शरण लीजिए।।

(अंतरा)
ऊँचे पर्वत पे जा क्यों बसी,
ऊँचे पर्वत पे जा क्यों बसी,
नीचे आके सुधि लीजिए,
जगदम्बे दया कीजिए।।

कई जन्मों से फिरते रहे,
कई जन्मों से फिरते रहे,
माँ, अब तो शरण लीजिए,
जगदम्बे दया कीजिए।।

भीगे नैनों की अरदास है,
भीगे नैनों की अरदास है,
अब तो आके दरश दीजिए,
जगदम्बे दया कीजिए।।

हम ना भूले कभी आपको,
हम ना भूले कभी आपको,
हम पे ऐसी कृपा कीजिए,
जगदम्बे दया कीजिए।।

(अंतिम पुनरावृत्ति)
जगदम्बे कृपा कीजिए,
शेरावाली कृपा कीजिए,
जगदम्बे दया कीजिए,
शेरावाली दया कीजिए,
हमको अपनी शरण लीजिए।।
 


जब हाहाकार मचने लगे तो गाओ ये भजन || Mata Rani Bhajan By Satyanarayan Tiwadi || Maa Durga Bhajan
Next Post Previous Post