ऊंचे से पर्वत हो रही मेरी शेरोवाली माँ
ऊंचे से पर्वत हो रही,
मेरी शेरोवाली माँ,
मेरी जय जगदंबे माँ,
ऊंचे से पर्वत हो रही,
मेरी शेरोवाली माँ,
मेरी जय जगदंबे माँ,
कर सोलह श्रृंगार मैया जी।
माथे पे टीका नाक में नथनी,
पहन लेओ मेरी शेरोवाली माँ,
मेरी जय जगजननी माँ,
कर सोलह श्रृंगार मैया जी।
कानो पे झुमका गले में हरवा,
पहन लेओ मेरी शेरोवाली माँ,
मेरी जय जगदंबे माँ,
कर सोलह श्रृंगार मैया जी।
हाथों में चुड़ला हाथों में मेहँदी,
हाथों में घड़िया पहन ले,
ओ मेरी शेरोवाली माँ,
मेरी जय जगदंबे माँ,
कर सोलह श्रृंगार मैया जी।
कमर में तगड़ी पैरो में पायल,
ऊँगली में बिछुआ पहन ले,
ओ मेरी शेरोवाली माँ,
मेरी जय जगदंबे माँ,
कर सोलह श्रृंगार मैया जी।
कमर में लहँगा अंग में चोला,
सिर पे चुनरिया ओढ़ ले,
ओ मेरी शेरोवाली माँ,
मेरी जय जगदंबे माँ,
कर सोलह शृंगार मैया जी।
मातारानी भजन : ऊंचे से पर्वत हो रही मेरी शेरोवाली माँ मेरी जय जगदंबे माँ #mataranibhajan #devibhajan
Latest Newest Bhajans Complete Lyrics in Hindi (New Bhajan)