गुरुजी के चरणों में रहना भजन Saroj Jangir गुरुजी के चरणों में रहना भजनगुरुजी के चरणों में , रहना भाई चेला थारे ,दुणी - दुणी ( नित कई ) वस्तु मिले रे ।म्हारा साधु भाई , शून्य में सुमरणा सूरत से मिले रे ॥ सब घट नाम साधो एक है रे जी ।।दई रणुकार थारी , नाभि से उठता, दई - दई डंको चढ़े रे,नाभि पंथ साधो घणो रे दुहेलो, सब रंग पकड़ फिरे रे,नाभिपंथ साधो , उल्टा घुमाले तो, मेरुदंड खुले रे,मेरुदंड साधो पिछम का मारग, सीधी बाट धरो रे, New Bhajan 2023 सब घट नाम साधो एक है रे जी। बिना डंका से वां , झालर बाजे बाजे,झिणी -झिणी आवाज़ सुनो रे,घड़ियाल शंख बाँसुरी वीणा, अनहद नाद घुरे रे,सब घट नाम साधो एक है रे जी। दिन नहीं रैण , दिवस नहीं रजनी, नहीं वहाँ सूरज तपे रे,गाजे न घोरे बिजली न चमके, अमृत बूंद झरे रे॥बिन बस्ती का , देश अजब है, नहीं वहाँ काल फरे रे,कहें कबीर सुनो भाई साधो, शीतल अंग करो रे,सब घट नाम साधो एक है रे जी ।। गुरुजी के चरणों मे रेणा | Guruji ke charno mein rena | Geeta Parag | Kabir bhajan 9669359081