हरि नाम की माला जपले

हरि नाम की माला जपले

हरि नाम की माला जपले,
पल की खबर नही,
अन्तरघट मन को मथ ले,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले।

नाम बिना ये तेरा,
जीवन अधूरा है,
घाटा सत्संग बिना,
होता नही पूरा है,
तेरी बीती उमरिया सारी,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले।

रिश्तेदार सारे यहाँ,
मतलब के यार हैं,
क्यों मुँह लगाना ये तो,
झूठा संसार है,
प्रभु नाम से प्रीत लगा ले,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले।

पर उपकार करे जो,
वो सच्चा इंसान है,
नाम प्याला जिसने,
पिया वो महान है,
उसकी सतगुरु करे रखवाली,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले।

कितना प्यारा तन ये तेरा,
प्रभु ने बनाया है,
माया धन सुख में तूने,
नाम को भुलाया है,
गुरु शरन आ भूल सुधारी,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले।

कर्म कांड सारे बिना,
नाम के बेकार है,
सेवा व्रत सुमिरन प्रभु,
मिलन के द्वार है,
हरि नाम को तू अपना ले,
पल की खबर नही,
हरि नाम की माला जपले।
 


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