मेरे मालिक की दुकान में, सब लोगों का खाता, जो नर जैसा करम करेगा, वैसा ही फल पाता, मेरे मालिक की दुकान में, सब लोगों का खाता।
क्या साधु क्या संत गृहस्थी, क्या राजा क्या रानी, प्रभु की पुस्तक में लिखी है, सबकी करम कहानी, वही तो सबके जमा खर्च का, सही हिसाब लगाता, मेरे मालिक की दुकान में, सब लोगों का खाता।
करता है इंसाफ सभी के, सिंहासन पर डट के,
New Bhajan 2023
उसका फैसला कभी ना टलता, लाख कोई सर पटके, समझदार तो चुप रहता है, ओर मुर्ख शोर मचाता, मेरे मालिक की दुकान में, सब लोगों का खाता।
नहीं चले उसके घर रिश्वत, नहीं चले चालाकी, उसके अपने लेन देन की, रीत बड़ी है बांकी,
पूण्य का बेड़ा पार करे, पापी की नाव डूबाता, मेरे मालिक की दुकान में, सब लोगो का खाता।
अच्छी करनी करीयो लाला, करम ना करीयो काला, देख रहा है लाख आँख से, तुझको ऊपर वाला, सतगुरु संत से प्रेम लगा ले, समय गुजरता जाता, मेरे मालिक की दुकान में, सब लोगो का खाता।
Mere Malik Ki Dukan Main Sab Logon - Kabhi Pyase Ko Pani Pilaya Nahin