म्हे तो निकलग्या खाटूधाम से भजन

म्हे तो निकलग्या खाटूधाम से भजन

म्हे तो निकल गया खाटूधाम से,
पण म्हासूं ना निकल्यो खाटूधाम,
सांवरिया म्हाने ओठों बुला ल्यो जी,
खाटू का राजा पाछो बुला ल्यो जी।।

हेत लग्यो ऐसो कैसो सांवरिया,
सुपणे में आवे थारी खाटू नगरिया,
थे ही दीखो हो चारों मेर में,
चाहे सुबहे हो चाहे शाम,
बस म्हारो म्हारै मन पे ना चाल्यो जी,
दयालू दाता हेत बढ़ाज्यो जी।।

सुध म्हारी ज्यूं जाणो बाबा त्यूं लीज्यो,
मिलके बिछड़नो म्हासूं ना कीज्यो,
बीज यो बोयो थे ही सांवरा,
बीज ने दीज्यो उपजाय,
बागां में फूलड़ा थे ही खिलावो जी,
बागां का माली थे ही कुहावो जी।।

देखे जो ना दिनूं थाणे मणड़ो यो तड़पे,
आग कालजड़े में मिलणे की धधके,
भाव का भूखा थे हो सांवरा,
घूम्यो मैं तो सारो संसार,
जो मिल्यो म्हाने यो ही समझायो जी,
हारे को साथी थारो नाम बतायो जी।।

म्हे तो निकल गया खाटूधाम से,
पण म्हासूं ना निकल्यो खाटूधाम,
सांवरिया म्हाने ओठों बुला ल्यो जी,
खाटू का राजा पाछो बुला ल्यो जी।



Meh Toh Nikal Gaya Khatudham Se | Vivek Sharma | Khatu Shyam Bhajan 2026 Latest

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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