गणपति की निकली सवारी गणेश भजन
गणपति की निकली सवारी गणेश भजन
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा,
माता तोरी पार्वती,
पिता महादेवा,
स्वागत करो,
श्री गणपति गजानन का,
गणपति बप्पा मोरिया।
चमके गणेश का मुखड़ा ऐसे,
कई चांद निकले हो इक साथ जैसे,
क्या बात है वाह क्या बात है।
जय हो चमके गणेश का मुखड़ा ऐसे,
कई चांद निकले हो इक साथ जैसे,
जो देखे जाऐ बलिहारी,
गणपति की निकली सवारी।
आये हाये है हर तरफ स्वर्ग जैसा नजारे,
धरती पे उतरे हैं सारे सितारे,
जय जय गणेशा जय गणराया,
है हर तरफ स्वर्ग जैसा नजारे,
धरती पे उतरे हैं सारे सितारे,
बाजे नगाड़े कही उड़ता गुलाल है,
देवा के भक्तों की भक्ति कमाल है,
पहले से ज्यादा खुशी अबके साल है,
सबके ही हाथें में मोदक के थाल हैं,
भोग लगाऐ बारी बारी,
गणपति की निकली सवारी।
तकदीर भक्तों की है जिनके हाथ में,
आऐ हैं वो रिद्धि सिद्धी के साथ में,
जय जय गणेशा जय गणराया,
तकदीर भक्तों की है जिनके हाथ में,
आऐ हैं वो रिद्धी सिद्धी के साथ में,
मुस्काऐ तो इत्र महके हवा में,
गणपति मोरया की धुन हर दिशा में,
जै धोष ऐसी हुई है जहाँ में,
जय कारे उड़ के गऐ आसमाँ में,
शिव गौरी जाऐं वारी वारी,
गणपति की निकली सवारी।
फिर आज भक्तों के जागे नसीब हैं,
सिद्धी विनायक हमारे करीब हैं,
जय जय गणेशा जय गणराया,
फिर आज भक्तों के जागे नसीब हैं,
सिद्धी विनायक हमारे करीब हैं,
हम फूल श्रद्धा के अर्पण करेंगें,
जी भर के देवा के दर्शन करेंगें,
गाँऐगे आरती वन्दन करेंगें,
गणनायक का अभिनन्दन करेंगे,
देवा के हम हैं पुजारी,
गणपति की निकली सवारी।
जय हो चमके गणेश का मुखड़ा ऐसे,
कई चांद निकले हो इक साथ जैसे,
जो देखे जाऐ बलिहारी,
गणपति की निकली सवारी।
जय गणेश देवा,
माता तोरी पार्वती,
पिता महादेवा,
स्वागत करो,
श्री गणपति गजानन का,
गणपति बप्पा मोरिया।
चमके गणेश का मुखड़ा ऐसे,
कई चांद निकले हो इक साथ जैसे,
क्या बात है वाह क्या बात है।
जय हो चमके गणेश का मुखड़ा ऐसे,
कई चांद निकले हो इक साथ जैसे,
जो देखे जाऐ बलिहारी,
गणपति की निकली सवारी।
आये हाये है हर तरफ स्वर्ग जैसा नजारे,
धरती पे उतरे हैं सारे सितारे,
जय जय गणेशा जय गणराया,
है हर तरफ स्वर्ग जैसा नजारे,
धरती पे उतरे हैं सारे सितारे,
बाजे नगाड़े कही उड़ता गुलाल है,
देवा के भक्तों की भक्ति कमाल है,
पहले से ज्यादा खुशी अबके साल है,
सबके ही हाथें में मोदक के थाल हैं,
भोग लगाऐ बारी बारी,
गणपति की निकली सवारी।
तकदीर भक्तों की है जिनके हाथ में,
आऐ हैं वो रिद्धि सिद्धी के साथ में,
जय जय गणेशा जय गणराया,
तकदीर भक्तों की है जिनके हाथ में,
आऐ हैं वो रिद्धी सिद्धी के साथ में,
मुस्काऐ तो इत्र महके हवा में,
गणपति मोरया की धुन हर दिशा में,
जै धोष ऐसी हुई है जहाँ में,
जय कारे उड़ के गऐ आसमाँ में,
शिव गौरी जाऐं वारी वारी,
गणपति की निकली सवारी।
फिर आज भक्तों के जागे नसीब हैं,
सिद्धी विनायक हमारे करीब हैं,
जय जय गणेशा जय गणराया,
फिर आज भक्तों के जागे नसीब हैं,
सिद्धी विनायक हमारे करीब हैं,
हम फूल श्रद्धा के अर्पण करेंगें,
जी भर के देवा के दर्शन करेंगें,
गाँऐगे आरती वन्दन करेंगें,
गणनायक का अभिनन्दन करेंगे,
देवा के हम हैं पुजारी,
गणपति की निकली सवारी।
जय हो चमके गणेश का मुखड़ा ऐसे,
कई चांद निकले हो इक साथ जैसे,
जो देखे जाऐ बलिहारी,
गणपति की निकली सवारी।
Ganpati Ki Nikli Sawari - Lakhbir Singh Lakkha | Ganpati Song | Ganesh Chaturthi Special
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Singer- Lakhbir Singh Lakkha
Music- Ram Shankar
Lyrics- Ravi Chopra
Label - Nupur Audio
गणेश जी का मुखड़ा चाँद सा चमकता है, जैसे कई चाँद एक साथ निकल आए हों। पार्वती माता और महादेव पिता के लाल, रिद्धि-सिद्धि संग धरती पर उतरते हैं तो स्वर्ग सा नजारा हो जाता है। नगाड़े बजते, गुलाल उड़ता, भक्त मोदक के थाल लिए झूम उठते हैं। इश्वर का आशीर्वाद हर जयकारे में बरसता रहता है।
भक्तों की तकदीर जाग उठती है, इत्र की खुशबू हवा में घुल जाती है, शिव-गौरी वारी-वारी हो जाते हैं। फूल-श्रद्धा अर्पण कर आरती गाते, दर्शन पाते ही नसीब खिल जाते हैं। साधक को लगता है जैसे हर विघ्न दूर भगाकर सिद्धिविनायक करीब आ गए। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री गणेश जी की।
भक्तों की तकदीर जाग उठती है, इत्र की खुशबू हवा में घुल जाती है, शिव-गौरी वारी-वारी हो जाते हैं। फूल-श्रद्धा अर्पण कर आरती गाते, दर्शन पाते ही नसीब खिल जाते हैं। साधक को लगता है जैसे हर विघ्न दूर भगाकर सिद्धिविनायक करीब आ गए। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री गणेश जी की।
