किसको कहूं मैं अपना किसको कहु पराया
किसको कहूं मैं अपना किसको कहु पराया
किसको कहूं मैं अपना किसको कहु पराया,
हर एक सख्श ने है दिल मेरा दुखाया,
किसको कहूं मैं अपना,
तेरे सिवा ये बाबा कोई समज न पाया,
हर एक सख्श ने है दिल मेरा दुखाया,
किसको कहूं मैं अपना.....
तेरे तो मुझपे बाबा एहसान ही बहुत है,
फिर भी कभी न कहता एहसान मंद तू है,
हमदर्द बन के सब ने है दर्द को बढ़ाया,
दिल को सकूं बाबा चरणों में तेरे आया,
किसको कहूं मैं अपना....
मुझको नहीं जरूरत के मुझको कोई समजे,
तू जनता है मुझको ये बात ही बहुत है,
मैं पापी हु या कपटी ये जनता तू है,
मैं हार जब भी बाबा तूने गले लगाया,
किसको कहूं मैं अपना.....
हर एक सख्श ने है दिल मेरा दुखाया,
किसको कहूं मैं अपना,
तेरे सिवा ये बाबा कोई समज न पाया,
हर एक सख्श ने है दिल मेरा दुखाया,
किसको कहूं मैं अपना.....
तेरे तो मुझपे बाबा एहसान ही बहुत है,
फिर भी कभी न कहता एहसान मंद तू है,
हमदर्द बन के सब ने है दर्द को बढ़ाया,
दिल को सकूं बाबा चरणों में तेरे आया,
किसको कहूं मैं अपना....
मुझको नहीं जरूरत के मुझको कोई समजे,
तू जनता है मुझको ये बात ही बहुत है,
मैं पापी हु या कपटी ये जनता तू है,
मैं हार जब भी बाबा तूने गले लगाया,
किसको कहूं मैं अपना.....
किसको कहूं मैं अपना : Kisko Kahun Main Apna : Simran Kaur : Khatu Shyam Bhajan
Kisako Kahoon Main Apana Kisako Kahu Paraaya,
Har Ek Sakhsh Ne Hai Dil Mera Dukhaaya,
Kisako Kahoon Main Apana,
Har Ek Sakhsh Ne Hai Dil Mera Dukhaaya,
Kisako Kahoon Main Apana,
यह भजन श्याम बाबा के प्रति गहरे विश्वास और भक्ति का आलम बयाँ करता है। जब दुनिया में हर सख्श दिल को दुखाए, कोई अपना न लगे, तब श्याम बाबा ही एकमात्र सहारा बनते हैं। भक्त की पुकार है—बाबा, तू ही मेरा अपना है, तूने कभी पराया नहीं समझा। लोग हमदर्द बनकर दर्द बढ़ाते हैं, पर श्याम के चरणों में मन को सुकून मिलता है, जैसे बारिश धरती की प्यास बुझाए।
बाबा के एहसान अनगिनत हैं, फिर भी वे कभी भक्त को बोझ नहीं बनाते। दुनिया समझे या न समझे, श्याम भक्त के मन को जानते हैं। पापी हो या कपटी, हार कर जब भक्त उनके पास आता है, श्याम गले लगाते हैं, जैसे माँ बच्चे को सीने से चिपटाए। यह भजन सिखाता है—जब सारा संसार साथ छोड़े, श्याम का नाम पुकारो। सच्चे मन से उनकी शरण लो, वे सदा हृदय में बसते हैं।
बाबा के एहसान अनगिनत हैं, फिर भी वे कभी भक्त को बोझ नहीं बनाते। दुनिया समझे या न समझे, श्याम भक्त के मन को जानते हैं। पापी हो या कपटी, हार कर जब भक्त उनके पास आता है, श्याम गले लगाते हैं, जैसे माँ बच्चे को सीने से चिपटाए। यह भजन सिखाता है—जब सारा संसार साथ छोड़े, श्याम का नाम पुकारो। सच्चे मन से उनकी शरण लो, वे सदा हृदय में बसते हैं।
Song: Kisko Kahum Main Apna
Singer & Writer : Simran Kaur
Music: Sanjit Tanha
Camera : Parweer
Category: Hindi Devoitonal ( Shyam Bhajan)
Singer & Writer : Simran Kaur
Music: Sanjit Tanha
Camera : Parweer
Category: Hindi Devoitonal ( Shyam Bhajan)
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