रोली ल्याऊ मांग मैं घर घर से

रोली ल्याऊ मांग मैं घर घर से

रोली ल्याऊं, मांग मैं घर-घर से,
सतियो देऊ, मांड़ हर पत्थर पे।।

कुण सा पुण्य करया ये पत्थर,
थारे मंदिर माय लग्या,
ये पत्थर बड़भागी ऐसा,
म्हारे मन में भाव जग्या,
खुल गया म्हारा भाग,
हाथ धर-धर के,
सतियो देऊ, मांड़ हर पत्थर पे।।

सीढ़ी के पहले पत्थर पर,
झुक-झुक मां प्रणाम करा,
आंगनिया में पसरा दादी,
फेर थारो सम्मान करा,
धोए आंगना मां,
नैन झर-झर के,
सतियो देऊ, मांड़ हर पत्थर पे।।

चुग-चुग पत्थर घर ले जाता,
सिर पे पाप चढ़ जाएगा,
मेरे खातिर, दादी, तेरे,
चरणों से हट जाएगा,
पड़े हुए हैं मां पुण्य,
कर-कर के,
सतियो देऊ, मांड़ हर पत्थर पे।।

बनवारी मां, तेरे गांव के,
कण-कण में है झलक तेरी,
सबसे पहले इन पर मैया,
पड़ती है ये पलक तेरी,
धरूं मैं इन पर पाँव,
मां, डर-डर के,
सतियो देऊ, मांड़ हर पत्थर पे।।


रोली ल्याउ मांग मै घर-घर से||Roli lau mang mai ghar -ghar se||Ranisati Dadi bhajan||Ashish Jalan

Song: Roli laau Mang Main Ghar-Ghar se
Singer - Ashish Jalan 9975796656
Lyrics - Jayshankarji Chaudhary (Banwariji)
Music - Mani Poddar,delhi

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