शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ भजन

शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ भजन

शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ,
कालका भवानी मेरे अंगना भी आवो,
अंगना भी आओ,
मेरा दुखड़ा मिटाओ,
दुखड़ा मिटाओ मेरी बिगड़ी बनाओ,
शारदा भवानी मेरे अंगना भी आवो,
कालका भवानी मेरे अंगना भी आवो।

फूलो से मैया दरबार सजाया,
फूलो से मैया दरबार सजाया,
हलवा पूरी का मैया भोग लगाया,
हलवा पूरी का मैया भोग बनवाया,
एक बार आके मैया भोग लगाओ,
शारदा भवानी मेरे अंगना भी आवो,
कालका भवानी मेरे अंगना भी आओ,
शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ।

जगमग जगमग ज्योत जगाऊं,
जगमग जगमग ज्योत जगाऊं,
चरणों में मैया तेरे शिस नवाऊं,
चरणों में मैया तेरे शिस नवाऊं,
एक बार आके मैया दर्श दिखाओ,
शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ,
कालका भवानी मेरे अंगना भी आओ,
शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ।

सांझ सवेरे तेरा नाम पुकारूं,
सांझ सवेरे तेरा नाम पुकारूं,
पल पल मैया तेरा रस्ता निहारूं,
पल पल मैया तेरा रस्ता निहारूं,
शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ,
कालका भवानी मेरे अंगना भी आओ,
शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ।

शारदा भवानी मेरे अंगना भी आओ | Sharda Bhawani Mere Angana Bhi Aao | Singer Sunny Albela Bhajan

Singer Sunny Albela

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घर के आंगन में फूलों से सजाया दरबार, हलवा-पूड़ी का भोग लगाया, ज्योतें जगमगाती हैं, और सिर नवाकर चरणों में प्रणाम किया जाता है। जैसे कोई बेटी माँ को बुलाती हो, "एक बार आ जा, सब दुख मिटा दे, बिगड़ी बनवा दे।" सांझ-सवेरे नाम पुकारा जाता है, पल-पल रास्ता निहारा जाता है, क्योंकि माँ की कृपा से ही जीवन की हर मुश्किल आसान हो जाती है। वो शारदा भवानी, वो कालका भवानी, सबकी माँ हैं, जो ज्ञान की रोशनी देती हैं, शक्ति प्रदान करती हैं, और घर-आंगन को अपना बनाकर आशीर्वाद बरसाती हैं। जैसे कोई माँ दूर से भी सुन लेती है, और दौड़कर आ जाती है, वैसे ही पुकार सुनकर वो आती हैं, दिल को सुकून देती हैं।

हर शाम की आरती में, हर सुबह की प्रार्थना में बस यही आस रहती है कि माँ आएँ, दुख हर लें, सुख बाँट दें। फूलों की महक, भोग की खुशबू, ज्योत की लौ – सब कुछ उनकी याद दिलाता है कि वो पास हैं, बस थोड़ी सी पुकार चाहिए। एक बार दर्शन दे दें, तो सारी दुनिया की चिंता मिट जाती है। ये भक्ति इतनी गहरी है कि आंगन ही मंदिर बन जाता है, और हर पल उनकी उपस्थिति महसूस होती है। माँ की मेहरबानी से जीवन खिल उठता है, जैसे सूखी धरती पर बारिश हो गई हो।

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