जा मुड़ जा घरा नू बालका भजन

जा मुड़ जा घरा नू बालका भजन

सोखा नहियो योग कमाऊना औखा इस मंजिल नु पाऊना
तू अजे है बाल नियाना मन लै बिनत अखिरी
जाह मुड जा घरा नु बालका औखी बहुत फकीरी

कंडेया दे संग उम्र हंडाउनी दर दर पैंदी अलख जगाऊनी
रुखी मिसी मंग के खानी पयो मुसीबत भारी  
है दूर बड़ी ही बालका मंजिल फकीरी वाली
जाह मुड जा घरा नु बालका....

खैर मनाऊनी खैर बहाने लोका  दे नित सुनने ताहने
सुन नी भोलिए निकिये जाने की इस कम तो लैना,
जा मुड जा अजे वी घर अपने मन लै  बालका केहना,
जाह मुड जा घरा नु बालका....

ना जानी इस गल दा हासा जंगली नित पऊ करना वासा
झूठ नही इस गल दा मासा सुन्ने पैंदे ताहने
एह वचन नही है झूठ आ तू की बालका जाने
जाह मुड जा घरा नु बालका



Bhajan: Jaa Murh Ja Gharan Nu Balka || GuruDev Master Bihari Lal Sharma Ji || #BabaBalakNathNangal

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Bhajan: Jaa Murh Ja Gharan Nu Balka (ਜਾ ਮੁੜ ਜਾ ਘਰਾਂ ਨੂੰ ਬਾਲਕਾ )
Shri Sidh Baba Balak Nath Durga Mandir Nangal,
Founder : GuruDev Master BIhari Lal Sharma Ji (Nangal Wale)
Sung By: Sh. Gurdeep Sharma Ji
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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