ॐ जय दूलह देवा झुलेलाल की आरती
ॐ जय दूलह देवा झुलेलाल की आरती
ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा |पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ||
ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा
तुहिंजे दर दे केई सजण अचनि सवाली |
दान वठन सभु दिलि सां कोन दिठुभ खाली ||
ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा
अंधड़नि खे दिनव अखडियूँ - दुखियनि खे दारुं |
पाए मन जूं मुरादूं सेवक कनि थारू ||
ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा
फल फूलमेवा सब्जिऊ पोखनि मंझि पचिन |
तुहिजे महिर मयासा अन्न बि आपर अपार थियनी ||
ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा
ज्योति जगे थी जगु में लाल तुहिंजी लाली |
अमरलाल अचु मूं वटी हे विश्व संदा वाली ||
ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा
जगु जा जीव सभेई पाणिअ बिन प्यासा|
जेठानंद आनंद कर, पूरन करियो आशा ||
झूलेलाल की आरती प्रेम, श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत है, जो सिंधी समाज में विशेष रूप से पूज्य माने जाते हैं। यह आरती उनके दिव्य स्वरूप और करुणा से भरे आशीर्वाद को प्रकट करती है, जहाँ भक्त उनके दर पर अपनी समस्त आशाएँ और श्रद्धा अर्पित करते हैं।
झूलेलाल को जल देवता और सिन्धु के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है, जो हर भक्त की मनोकामना पूरी करने वाले हैं। उनकी आराधना मन को शांति और आनंद से भर देती है, और भक्तों को यह विश्वास दिलाती है कि उनकी कृपा से जीवन में संतोष और सुख की प्राप्ति होती है। उनकी ज्योति संपूर्ण विश्व में प्रकाशित होती है और उनके नाम का स्मरण करने से आत्मा को स्थायी आनंद की अनुभूति होती है।
जो भी श्रद्धा और प्रेम से झूलेलाल की आरती गाता है, वह उनकी कृपा से अपना जीवन मंगलमय बना सकता है। यह आरती केवल स्तुति नहीं, बल्कि आत्मा की उस गहन पुकार है, जो ईश्वर की करुणा और कृपा में पूर्णतः विलीन होने की लालसा रखती है।
झूलेलाल की जय! उनकी आराधना से हृदय में शांति और आत्मिक आनंद की अनुभूति होती है। आपका यह भजन सच्चे प्रेम और श्रद्धा से ओत-प्रोत है!
झूलेलाल को जल देवता और सिन्धु के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है, जो हर भक्त की मनोकामना पूरी करने वाले हैं। उनकी आराधना मन को शांति और आनंद से भर देती है, और भक्तों को यह विश्वास दिलाती है कि उनकी कृपा से जीवन में संतोष और सुख की प्राप्ति होती है। उनकी ज्योति संपूर्ण विश्व में प्रकाशित होती है और उनके नाम का स्मरण करने से आत्मा को स्थायी आनंद की अनुभूति होती है।
जो भी श्रद्धा और प्रेम से झूलेलाल की आरती गाता है, वह उनकी कृपा से अपना जीवन मंगलमय बना सकता है। यह आरती केवल स्तुति नहीं, बल्कि आत्मा की उस गहन पुकार है, जो ईश्वर की करुणा और कृपा में पूर्णतः विलीन होने की लालसा रखती है।
झूलेलाल की जय! उनकी आराधना से हृदय में शांति और आत्मिक आनंद की अनुभूति होती है। आपका यह भजन सच्चे प्रेम और श्रद्धा से ओत-प्रोत है!
झुलेलाल, दूलह देवा की कृपा सागर-सी अथाह है, जो भक्तों की हर पुकार सुनते हैं। उनके दर पर सज्जन और सवाली आते हैं, कोई खाली नहीं लौटता, क्योंकि उनका दान हृदय से बरसता है। अंधों को आँखें, दुखियों को सहारा, और सेवकों की हर मुराद पूरी करते हैं। फल, फूल, मेवा, सब्जी—सब उनकी कृपा से ही समृद्ध होता है। उनकी ज्योति संसार को रोशन करती है, अमरलाल की लाली विश्व में फैलती है। यह संसार प्यासा है, पर झुलेलाल का जल-रूप आनंद और आशा से भर देता है। उनकी सेवा और प्रेम से मन की हर इच्छा पूर्ण होती है, और जीवन उनके रंग में रंग जाता है।
Album :- Om Jai Dulah Deva
Song :- Om Jai Dulah Deva
Singer & Music :- Sanjay
Lyrics:- Jethanand
Video By :- Jai Kumar Laungani
Label - Baba CD World
Parent Label (Publisher) - VIANET MEDIA PRIVATE LIMITED
Song :- Om Jai Dulah Deva
Singer & Music :- Sanjay
Lyrics:- Jethanand
Video By :- Jai Kumar Laungani
Label - Baba CD World
Parent Label (Publisher) - VIANET MEDIA PRIVATE LIMITED
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Author - Saroj Jangir
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