आरती श्री सांईबाबा महात्म्य पीडीऍफ़
आरती श्री सांईबाबा महात्म्य पीडीऍफ़
आरती श्री साई गुरुवर की, परमानंद सदा गुरुवर की |जाकी कृपा विपुल सुखकारी, दु:ख शोक संकट भयहारी |
शिरडी में अवतार रचाया, चमत्कार से तत्व दिखाया |
कितने भक्त शरण में आये, वे सुख शंति निरंतर पाये |
भाव धरे जो मन में जैसा, साई का अनुभव वैसा |
गुरु की उदी लगावे तन को, समाधान लाभत उस तन को |
साई नाम सदा जो गावें, सो फल जग में शाश्वत पावें |
गुरुवासर करि पूजा सेवा, उस पर कृपा करत गुरु देवा |
राम कृष्ण हनुमान रुप में, दे दर्शन जानत जो मन में |
विविध धर्म के सेवक आतें, दर्शन कर इच्छित फल पातें |
जै बोलो साई बाबा की, जै बोलो अवधूत गुरु की |
साई की आरती जो कोई गावे, घर में बसि सुख मंगल पावे |
आरती श्री साई गुरुवर की
अनंत कोटि ब्रह्माण्ड़ नायक, राजाधिराज योगीराज
जय जय जय साई बाबा की
आरती श्री साई गुरुवर की
Aarti Shri Sai Guruvar Ki | Shirdi Saibaba Aarti | Sanjeev Abhyankar
शिरडी के साईं बाबा भारत की समृद्ध संत परंपरा में एक अद्वितीय स्थान रखते हैं। उनकी अधिकांश उत्पत्ति और जीवन अज्ञात है, लेकिन वह हिंदू और मुस्लिम दोनों भक्तों द्वारा आत्म-साक्षात्कार और पूर्णता के अवतार के रूप में साई को स्वीकारते हैं। भले ही साईं बाबा ने अपने व्यक्तिगत व्यवहार में मुस्लिम प्रार्थनाओं और प्रथाओं का पालन किया, लेकिन वे खुले तौर पर किसी भी धर्म के कट्टरपंथी व्यवहार से घृणा करते थे। इसके बजाय, प्रेम और न्याय के संदेशों के माध्यम से, वह मानव जाति के जागरण में विश्वास करते थे।
साईं बाबा की कृपा अनंत सुखों का सागर है, जो हर दुख, शोक और संकट को हर लेती है। शिरडी में उनका अवतार चमत्कारों का प्रकाश है, जिसने असंख्य भक्तों को शांति और सुख दिया। मन में जैसा भाव, वैसा ही साईं का अनुभव—उनकी उदी तन-मन को शांति देती है। साईं का नाम जपने से जीवन में शाश्वत फल मिलता है। उनकी पूजा और सेवा से गुरु की कृपा बरसती है। राम, कृष्ण, हनुमान के रूप में वे मन की पुकार सुनते हैं। हर धर्म के भक्त उनकी शरण में आते हैं, और इच्छित फल पाते हैं। साईं की आरती गाने से घर में मंगल और सुख बसता है। वे अनंत ब्रह्मांड के नायक, योगीराज हैं, जिनके चरणों में मन रमने से हर बाधा दूर हो जाती है।
Singer – Sanjeev Abhyankar
Album – Sai – The Essential Prayers
Music – Kedar Pandit
Lyrics – Traditional
Music Label – Strumm Entertainment Pvt. Ltd.
Album – Sai – The Essential Prayers
Music – Kedar Pandit
Lyrics – Traditional
Music Label – Strumm Entertainment Pvt. Ltd.
साईं बाबा आरती का महत्व अत्यंत गहन है, विशेष रूप से गुरुवार को इसकी उपासना से भक्तों के दुख-क्लेश नष्ट होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा साईं की कृपा से जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि प्राप्त होती है। यह आरती शिरडी साईं बाबा के सगुण ब्रह्म स्वरूप को जागृत कर भक्त का हृदय शुद्ध कर देती है, जैसा कि "आरती साई बाबा सौख्य दातार जीवा" में वर्णित है।
महत्व
गुरुवार को साईं आरती का पाठ करने से बिगड़े कार्य सधते हैं, कष्ट दूर होते हैं तथा साईं बाबा की विशेष कृपा प्राप्त होती है, क्योंकि यह भक्ति का सर्वोत्तम माध्यम है जो आंतरिक शांति प्रदान करता है। शिरडी मंदिर में चार बार होने वाली यह आरती (काकड़, मध्यान, धूप, शेज) भक्तों को साईं के दर्शन एवं आशीर्वाद का सौभाग्य देती है।
विधि
स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें, साईं मूर्ति या चित्र के समक्ष आसन ग्रहण करें, दीप-धूप-नैवेद्य चढ़ाएं, गुरुवार संध्या या प्रातः ११ बार आरती गाएं, भक्ति भाव से प्रत्येक पंक्ति का चिंतन करें तथा अंत में प्रार्थना समर्पित कर प्रसाद वितरित करें। व्रत रखकर फलाहार ग्रहण करना उत्तम है।
महत्व
गुरुवार को साईं आरती का पाठ करने से बिगड़े कार्य सधते हैं, कष्ट दूर होते हैं तथा साईं बाबा की विशेष कृपा प्राप्त होती है, क्योंकि यह भक्ति का सर्वोत्तम माध्यम है जो आंतरिक शांति प्रदान करता है। शिरडी मंदिर में चार बार होने वाली यह आरती (काकड़, मध्यान, धूप, शेज) भक्तों को साईं के दर्शन एवं आशीर्वाद का सौभाग्य देती है।
विधि
स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें, साईं मूर्ति या चित्र के समक्ष आसन ग्रहण करें, दीप-धूप-नैवेद्य चढ़ाएं, गुरुवार संध्या या प्रातः ११ बार आरती गाएं, भक्ति भाव से प्रत्येक पंक्ति का चिंतन करें तथा अंत में प्रार्थना समर्पित कर प्रसाद वितरित करें। व्रत रखकर फलाहार ग्रहण करना उत्तम है।