सोहना सोहना दरबार लगे है भजन

सोहना सोहना दरबार लगे है

सोहना सोहना दरबार लगे है,
सोहना सोहना सरकार लगे है,
सोहना सोहना लागे दरबार हम को,
सोहना सोहना लागे सरकार,
कर श्याम तेरा दीदार,
मैं अपना दिल गया हार,
मुझे आप से हो गया प्यार संवारे,
सोहना सोहना लागे दरबार हमको,
सोहना सोहना लागे सरकार हमको।

माथे पे मुकुट विशाला,
गल में बेजंती माला,
सज धज के बेठा मेरा खाटू वाला,
केसरिया बागा क्या खूब लगे है,
दर्शन करके मेरे भाग जगे हैं,
पा श्याम तेरा दीदार मैं,
अपना दिल गया हार,
मुझे आप से हो गया प्यार संवारे,
सोहना सोहना लागे दरबार हमको,
सोहना सोहना लागे सरकार हमको,

सूरत है प्यारी प्यारी जाऊँ मैं वारी वारी,
तेरा दीवाना तुझ पे बलिहारी,
कहीं नजर लगे ना बच के रहना,
भीड़ बहुत है ज़रा संभल के रहना,
श्याम तेरा दीदार मैं अपना दिल गया हार,
मुझे आप से हो गया प्यार संवारे,
सोहना सोहना लागे दरबार हमको,
सोहना सोहना लागे सरकार हमको,

सूरज और चंदा फीके तारे सितारे फीके,
तेरे आगे सारे नज़ारे फीके,
एक तू ही तू है मेरे दिल में समाया,
पप्पू शर्मा को चैन ना आया,
कर श्याम तेरा दीदार मैं अपना दिल गया हार
मुझे आप से हो गया प्यार संवारे,
सोहना सोहना लागे दरबार हमको,



Khatu Shyam Bhajan || Sona Sona Darbar || Pappu Sharma || DEVOTIONAL SONG 2018

SONG : SONA SONA DARBAR
SINGER : PAPPU SHARMA
LYRICS : PAPPU SHARMA
COMPOSER : PAPPU SHARMA
PUBLISHER : PAPPU SHARMA KHATU WALE

श्याम बाबा का दरबार वह अनुपम स्थल है, जहाँ हर भक्त का मन उनकी सजधज और प्यारी छवि को देखकर प्रेम और भक्ति में डूब जाता है। उनका वह मोरपंखी मुकुट, गले की वैजयंती माला और केसरिया वस्त्रों में सजा स्वरूप इतना मनमोहक है कि भक्त की नजरें उससे हट ही नहीं पातीं। यह दरबार केवल एक भौतिक स्थान नहीं, बल्कि वह आध्यात्मिक आलोक है, जो हर भक्त के हृदय को प्रेम और श्रद्धा से भर देता है। जब भक्त श्याम के दर्शन करता है, तो उसका मन स्वतः ही उनके प्रेम में खो जाता है, और वह अपने सारे सांसारिक बंधनों को भूलकर केवल सांवरे के रंग में रंग जाता है। यह प्रेम ऐसा है, जो भक्त को यह एहसास कराता है कि उसके भाग्य जाग उठे हैं, और उसका जीवन अब श्याम की कृपा से संपूर्ण हो चुका है।

श्याम की यह सुंदर छवि और उनका रंगीला दरबार सूरज, चाँद और तारों की चमक को भी फीका कर देता है, क्योंकि उनके सामने सारी सृष्टि की सुंदरता तुच्छ प्रतीत होती है। भक्त का हृदय उनके प्रति ऐसी दीवानगी से भर जाता है कि वह बार-बार उनकी शरण में आने को आतुर रहता है। यहाँ का हर दर्शन, हर भेंट और हर भजन भक्त को श्याम के और करीब ले जाता है, जहाँ वह केवल उनके प्रेम में बलिहारी जाता है। श्याम का यह दरबार ऐसा है, जहाँ भीड़ भले ही अनगिनत हो, पर हर भक्त को लगता है कि सांवरे की नजर केवल उस पर ही है। इस प्रेम और भक्ति की अवस्था में भक्त का मन चैन पाता है, और वह अपने जीवन को श्याम के चरणों में पूर्णतः समर्पित कर, सच्चे आनंद और शांति का अनुभव करता है।

श्याम बाबा या खाटू श्याम जी भगवान श्रीकृष्ण के महाभारत कालीन योद्धा बर्बरीक के स्वरूप हैं, जिन्हें भगवान कृष्ण ने कलियुग में "श्याम" नाम से पूजने का वरदान दिया था। बर्बरीक भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे, जिन्होंने महाभारत युद्ध के समय अपनी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को दान कर दिया था। इसके बाद वे "शीश के दानी" कहे गए और खाटू के खाटू श्याम जी के रूप में पूजे जाने लगे।

श्याम बाबा को "हारे का सहारा" कहा जाता है क्योंकि उनकी आस्था यह मानती है कि जो भी व्यक्ति जीवन में हार, दुख या निराशा का सामना करता है, उसे श्याम बाबा का सहारा और समाधान मिलता है। उनकी पूजा मात्र से भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं। खाटू श्याम मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है और यहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

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