भादी मावस है आई भक्ता मिल ज्योत

भादी मावस है आई भक्ता मिल ज्योत जगाई भजन

(मुखड़ा)
भादी मावस है आई,
भक्ता मिल ज्योत जगाई,
चंग मजीरा बाजे आंगणे,
ओ म्हारे चंग मजीरा बाजे आंगणे।।

(अंतरा)
चम-चम चमकातो मुखड़ो,
काना में कुंडल हो,
काना में कुंडल हो,
हिवड़ो हरसायो म्हारो,
भला पधारया हो,
भला पधारया हो,
बिंदिया चमके माथा में,
चुड़लो खनके हाथां में,
अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे,
ओ दादी, अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे।।

गंगा जल झारी थारा,
चरण पखारा हो,
चरण पखारा हो,
ऊँचे सिंहासन बैठी,
आरती उतारा हो,
आरती उतारा हो,
मेहंदी लगावा थारे,
चुनड़ी ओढ़ावा थाने,
फूलड़ा बरसे छे म्हारे आंगणे,
ओ दादी, फूलड़ा बरसे छे म्हारे आंगणे।।

जो थाने भावे मैया,
भोग लगावा हो,
भोग लगावा हो,
रूच-रूच जिमो, दादी जी,
परदो लगावा हो,
परदो लगावा हो,
भजन सुनावा थाने,
गाकर रिझावा थाने,
कीर्तन में देखण थाने आंगणे,
ओ दादी, कीर्तन में देखण थाने आंगणे।।

(अंतिम पुनरावृत्ति)
भादी मावस है आई,
भक्ता मिल ज्योत जगाई,
चंग मजीरा बाजे आंगणे,
ओ म्हारे चंग मजीरा बाजे आंगणे।।
 


भादी मावस हैं आई || Bhadi Mawas Hain Aai 2021 || Devendra Begani l Dadi New Bhajan || Sci Bhajan
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