झोली भर लो भगतों दौलत बरसे भोले के दरबार
झोली भर लो भगतों दौलत बरसे भोले के दरबार
झोली भर लो भगतों, दौलत बरसे भोले के दरबार।।
दातारी का क्या कहना, है सरकारों की सरकार।।
रंग-रंगीला महीना देखो, सावन भोले बाबा का।।
जैसे सावन बरसे, वैसे बरसा दे भंडार।।
झोली भर लो भगतों, दौलत बरसे भोले के दरबार।।
झोली भर लो जी...।।
देते-देते ये ना हारे, तू लेते-लेते थक जाएगा।।
भर-भर मुट्ठी खूब लुटाए, ऐसा है दातार।।
झोली भर लो भगतों, दौलत बरसे भोले के दरबार।।
झोली भर लो जी...।।
बनवारी शिव के भगतों का, देखा ठाठ निराला जी।।
बारहों महीना मने दिवाली, मौज करे परिवार।।
झोली भर लो भगतों, दौलत बरसे भोले के दरबार।।
झोली भर लो जी...।।
दातारी का क्या कहना, है सरकारों की सरकार।।
रंग-रंगीला महीना देखो, सावन भोले बाबा का।।
जैसे सावन बरसे, वैसे बरसा दे भंडार।।
झोली भर लो भगतों, दौलत बरसे भोले के दरबार।।
झोली भर लो जी...।।
देते-देते ये ना हारे, तू लेते-लेते थक जाएगा।।
भर-भर मुट्ठी खूब लुटाए, ऐसा है दातार।।
झोली भर लो भगतों, दौलत बरसे भोले के दरबार।।
झोली भर लो जी...।।
बनवारी शिव के भगतों का, देखा ठाठ निराला जी।।
बारहों महीना मने दिवाली, मौज करे परिवार।।
झोली भर लो भगतों, दौलत बरसे भोले के दरबार।।
झोली भर लो जी...।।
बरस रहा है दौलत शिव के दरबार | Baba Bholenath Bhajan | Sawan Shiv Bhajan Song | Shiv Ji Ke Bhajan