गाइये गणपति जगवन्दन गणेश भजन

गाइये गणपति जगवन्दन

 
गाइये गणपति जगवन्दन लिरिक्स Gayiye Ganpati Jagvanda Lyrics

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु में देव सर्वकार्यषु सर्वदा

गाइये गणपति जगवन्दन
शंकर सुवन भवानी के नन्दन
गाइये गणपति जगवन्दन

सिद्धि सदन, गजबदन, विनायक
कृपा सिन्धु, सुन्दर, सबलायक
गाईये गणपति जग

मोदक प्रिय मुदन मंगलदाता
विधा वारिधि बुधि विधाता
गाईये गणपति जग

मांगत तुलसीदास कर जोरी
बसहु राम-सिय मानस मोरे
गाईये गणपति जग



Gaiye Ganpati Jagvandan - Anup Jalota Bhajan | Popular Ganpati Songs
 वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ
वक्रतुण्ड: टेढ़ा दांत वाला। महाकाय: विशाल शरीर वाला। सूर्यकोटि समप्रभ: करोड़ सूर्यों के समान तेजस्वी।
अर्थ: हे टेढ़े दांत वाले विशालकाय गणेश, जो सूर्य-कोटियों के समान प्रकाशवान हो।

निर्विघ्नं कुरु में देव सर्वकार्यषु सर्वदा
निर्विघ्नं: बिना विघ्न के। कुरु: करो। में: मेरे लिए। देव: हे देव। सर्वकार्यषु: सभी कार्यों में। सर्वदा: सदा।
अर्थ: हे देव, मेरे सभी कार्यों को हमेशा विघ्नरहित बनाओ।

गाइये गणपति जगवन्दन
गाइये: गाओ। गणपति: गणों के स्वामी। जगवन्दन: जगत् के वन्दित।
अर्थ: जगवन्दन गणपति का गान करो।

शंकर सुवन भवानी के नन्दन
शंकर सुवन: शंकर (शिव) के पुत्र। भवानी के नन्दन: भवानी (पार्वती) के लाड़ले।
अर्थ: शिव के पुत्र, पार्वती के नंदन।

गाइये गणपति जगवन्दन
अर्थ: जगवन्दन गणपति का गान करो।

सिद्धि सदन, गजबदन, विनायक
सिद्धि सदन: सिद्धियों के स्वामी। गजबदन: हाथीमुख वाले। विनायक: विघ्ननाशक।
अर्थ: सिद्धियों के घर, गजमुख, विनायक।

कृपा सिन्धु, सुन्दर, सबलायक
कृपा सिन्धु: कृपा के सागर। सुन्दर: सुंदर रूप वाले। सबलायक: बल देने वाले।
अर्थ: कृपा सागर, सुंदर, सबल प्रदान करने वाले।

गाईये गणपति जग
अर्थ: गणपति जग (के वन्दित) का गान करो।

मोदक प्रिय मुदन मंगलदाता
मोदक प्रिय: मोदक भक्त। मुदन: आनंददायक। मंगलदाता: मंगलकारी।
अर्थ: मोदक प्रिय, मुद् (आनंद) देने वाले, मंगल दाता।

विधा वारिधि बुधि विधाता
विधा वारिधि: विद्या के सागर। बुधि विधाता: बुद्धि के दाता।
अर्थ: विद्या सागर, बुद्धि प्रदान करने वाले।

गाईये गणपति जग
अर्थ: गणपति जग का गान करो।

मांगत तुलसीदास कर जोरी
मांगत: मांगता। तुलसीदास: तुलसीदास। कर जोरी: हाथ जोड़कर।
अर्थ: तुलसीदास हाथ जोड़कर प्रार्थना करता।

बसहु राम-सिय मानस मोरे
बसहु: निवास करो। राम-सिय: राम-सीता। मानस: रामचरितमानस। मोरे: मेरे।
अर्थ: मेरे राम-सीता मानस में वास करो।

गाईये गणपति जग
अर्थ: गणपति जग का गान करो।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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