हारे हारे तुम हारे के सहारे भजन

हारे हारे तुम हारे के सहारे भजन

 हारे हारे तुम हारे के सहारे भजन Hare Hare Tum Hare Ke Sahare Shyam Bhajan Lyrics
 
जब जब प्रेमी कही पे कोई रोता है 
आँख के आँसू से चरण को धोता है,
अक्सर तन्हाई में  तुमको पुकारे 
ना ज़ोर दिल पे चले
हारे हारे हारे तुम हारे के सहारे
हम हारे हारे हारे तुम हारे के सहारे

तू है मेरा इक साँवरा 
तू है मेरा इक साँवरा
में  हू तेरा इक बावरा, 
मई हू तेरा इक बावरा,
सुनता नही मेरी भला क्यूँ
सुनता नही मेरी भला क्यूँ
इतना बता दे क्या माजरा
इतना बता दे क्या माझरा,

कैसे कहुँ  तू है मेरा
कैसे कहुँ  तू है मेरा
जो कुछ मेरा वो है तेरा
जो कुछ मेरा वो है तेरा
आता नही है समझ कुछ  मुझे
आता नही है समझ कुछ  मुझे
हारे हारे हारे तुम हारे के सहारे
हम हारे हारे हारे तुम हारे के सहारे

हारे हारे हारे तुम हारे के सहारे
हम हारे हारे हारे तुम हारे के सहारे


श्याम जगत का सुपर हिट भजन | हारे हारे तुम हारे के सहारे | Kanhaiya Mittal | Sheetal Panday | live |
 
Bhajan : Hare Hare Tum Hare K Sahare जुगलबंदी
Singer : #KanhiyaMittal #Sheetalpandey #खाटू_श्याम_भजन
 
जब कोई प्रेमी अकेले में रोता है तो उसकी आँखों से गिरते आँसू चरणों को धोते हैं। तन्हाई के पल में दिल बेकरार होकर पुकार उठता है, लेकिन ज़ोर दिल पर नहीं चलता। साँवरे का सहारा मिल जाए तो हार भी जीत जैसी लगने लगती है। वो साँवरा ही सब कुछ है, और हम उसके बावरे होकर रह गए हैं।

क्यों सुनता नहीं वो हमारी पुकार, क्या माजरा है ये समझ नहीं आता। जो कुछ हमारा है वो सब उसका ही है, फिर भी कह नहीं पाते कि तू हमारा है। समझ कुछ नहीं आती, बस हारकर भी उसके सहारे जीते रहते हैं। दिल की ये बावरी हालत हर पल वही नाम लेती रहती है, जैसे साँसें भी उसी के इंतज़ार में चल रही हों।
 
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