वेलकम गणेशा तेरा मेरे परिवार में भी
वेलकम गणेशा तेरा मेरे परिवार में भी
वेलकम गणेशा, तेरा मेरे परिवार में भी।।
पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
आज मैंने घुंघरू पैरों में बंधवा लिए।।
अरे, दिल्ली में थे जितने ढोली बुलवा लिए।।
आज भी ना नाचू, गाऊं तो फिर कब नाचूंगा।।
घर बैठे देवा, तेरे दर्शन पा लिए।।
तब से थीं अखियां तुम्हारे इंतजार में।।
प्यार भी पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
धन-लक्ष्मी की बरसात आ गई मेरे अंगना में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
जाऊं बलिहारी, मैं सवारी तेरी देख के।।
झांकियां हजारों न्यारी-न्यारी तेरी देख के।।
नाज़ मुझे होना लगा अपने नसीब पे।।
मूर्ति गणेशा प्यारी, तेरी प्यारी देख के।।
कमी न रहेगी कोई सेवा सत्कार में।।
प्यार भी पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
स्वर्ग से सुखों की सौगात आ गई मेरे अंगना में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
धूल पग पंकज की माथे से लगाई है।।
घड़ी शुभ मंगल ये आते-आते आई है।।
गूंजी मेरे घर में सुखों की शहनाई है।।
मुझे मेरे अपनों ने भेजी बधाई है।।
भीड़ देखो कितनी खड़ी है ये कतार में।।
प्यार भी पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
गणपति के भक्तों की बारात आ गई मेरे अंगना में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
आज मैंने घुंघरू पैरों में बंधवा लिए।।
अरे, दिल्ली में थे जितने ढोली बुलवा लिए।।
आज भी ना नाचू, गाऊं तो फिर कब नाचूंगा।।
घर बैठे देवा, तेरे दर्शन पा लिए।।
तब से थीं अखियां तुम्हारे इंतजार में।।
प्यार भी पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
धन-लक्ष्मी की बरसात आ गई मेरे अंगना में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
जाऊं बलिहारी, मैं सवारी तेरी देख के।।
झांकियां हजारों न्यारी-न्यारी तेरी देख के।।
नाज़ मुझे होना लगा अपने नसीब पे।।
मूर्ति गणेशा प्यारी, तेरी प्यारी देख के।।
कमी न रहेगी कोई सेवा सत्कार में।।
प्यार भी पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
स्वर्ग से सुखों की सौगात आ गई मेरे अंगना में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
धूल पग पंकज की माथे से लगाई है।।
घड़ी शुभ मंगल ये आते-आते आई है।।
गूंजी मेरे घर में सुखों की शहनाई है।।
मुझे मेरे अपनों ने भेजी बधाई है।।
भीड़ देखो कितनी खड़ी है ये कतार में।।
प्यार भी पिरोया है फूलों के श्रृंगार में।।
गणपति के भक्तों की बारात आ गई मेरे अंगना में।।
रिद्धि सिद्धि देवा, तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में।।
आए भोले बाबा, गौरी मात आ गई मेरे अंगना में।।
वेलकम गणेशा।।
#video welcome Ganesha tera mere parivar ka