श्याम तेरी शरण में आया मैं भजन
आया मैं, आया मैं,
श्याम तेरी शरण में, श्याम तेरे चरण में,
एक बस तू दिल में, तू ही तू नैनन में,
आया मैं, आया मैं,
तुझसे मैं अनजान था बाबा नाम सुना था तेरा
मिलते ही मैं हो गया तेरा अरु तू हो गया मेरा
ऐसे पकड़ी तूने कलाई साथ चले तू मेरे
हुआ उजाला तेरी दया का रहे ना ग़म के अँधेरे
बड़ी ही दया तुम्हारी दयालु श्याम बिहारी
मस्त होकर मैं घुमु छोड़ दी दुनिया सारी
साथ छूटे ना बाबा हाथ छूटे ना बाबा
आया मैं, आया मैं,
मुझको गले लगाएगा सोचा ना था मैंने
बिगड़ी मेरी बनाएगा तू सोचा ना था मैंने
दिल की हर धड़काम में तू है साँसों की सरगम में
मुझको दिख जाता है अब तो बाबा तो कण कण में
कभी ना रूठ जाना भूल को भूल जाना
बड़ा नादान सनी करे तेरा शुक्राना
आया दर पे चोखानी दया कर शीश दानी
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