हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं प्रार्थना
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं प्रार्थना पीडीऍफ़
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
कोयल की कूक न्यारीं, पपीहे की टेर प्यारी,
कोयल की कूक न्यारी, पपीहे की टेर प्यारी,
गा रही तराना बुलबुल राग मगर एक है,
गा रही तराना बुलबुल राग मगर एक है,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली,
बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली,
प्यारे प्यारे फूल गूंथे माला में एक हैं,
प्यारे प्यारे फूल गूंथे माला में एक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र कृष्णा कावेरी,
गँगा यमुना ब्रह्मपुत्र कृष्णा कावेरी,
जाके मिल गयी सागर में हुई सब एक हैं,
जाके मिल गयी सागर में हुई सब एक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी ज़न एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
कोयल की कूक न्यारीं, पपीहे की टेर प्यारी,
कोयल की कूक न्यारी, पपीहे की टेर प्यारी,
गा रही तराना बुलबुल राग मगर एक है,
गा रही तराना बुलबुल राग मगर एक है,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली,
बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली,
प्यारे प्यारे फूल गूंथे माला में एक हैं,
प्यारे प्यारे फूल गूंथे माला में एक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र कृष्णा कावेरी,
गँगा यमुना ब्रह्मपुत्र कृष्णा कावेरी,
जाके मिल गयी सागर में हुई सब एक हैं,
जाके मिल गयी सागर में हुई सब एक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
हिंद देश के निवासी सभी ज़न एक हैं,
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं,
Hind Desh ke Niwashi | Group Song | JNV | Navodaya
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Hind Desh Ke Niwashi Song.
हिंद देश की धरती पर हर कोई अलग-अलग रंग-रूप में सजा है, अलग वेशभूषा पहने, अलग भाषा बोले, फिर भी दिल की धड़कन एक ही है। जैसे बाग में कोयल अलग कूकती है, पपीहा अलग पुकारता है, बुलबुल अलग राग गाती है, पर सारी आवाजें मिलकर एक ही सुरीली धुन बनाती हैं। फूल भी अलग-अलग हैं – बेला की महक, गुलाब की लाली, जूही की कोमलता, चम्पा-चमेली की सुगंध – सब अलग, पर जब माला में गूंथे जाते हैं तो एक ही सुंदर हार बन जाते हैं।गंगा की शीतलता, यमुना की गहराई, ब्रह्मपुत्र की ताकत, कृष्णा की लहरें, कावेरी की मिठास – सब अलग राहों से बहती हैं, पर सागर में मिलते ही सब एक हो जाती हैं, नाम-रूप मिट जाता है, बस एक विशाल जलराशि रह जाती है। इसी तरह हिंद के लोग भी अलग-अलग हैं, पर एक ही मिट्टी से बने, एक ही आकाश के नीचे सांस लेते, एक ही भाव से जीते हैं। विविधता में एकता का ये बंधन इतना मजबूत है कि कोई तूफान नहीं तोड़ पाता।
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