मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
उस वक़्त ये एक ख़याल, मुझे हौंसला दे जाता,
शायद कुछ मेरे लिए अच्छा सोच रखा होगा,
सब के काम होते, मेरा क्यों ना होता,
दुनियाँ के तानों से, दिल मेरा रोता,
शायद इसमें भी तो, कुछ मेरा भला होगा,
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
आएगा कन्हैयाँ भरोसा अटल है,
प्रेम साँवरे से, मेरा प्रबल है,
शायद किसी और का दुख, मुझसें ज्यादा होगा,
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
श्याम को क्या दोष दू, वो तो सही है,
समर्पण में मोहित, कुछ तो कमी है,
शायद बुरे कर्मो का, कुछ हिस्सा बचा होगा,
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
उस वक़्त ये एक ख्याल, मुझे होंसला दे जाता,
शायद कुछ मेरे लिए, अच्छा सोच रखा होगा,
मुश्क़िल की घड़ियों में जब नज़र न कुछ आता,
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आंसू नही रोक पाओगे !! इस भजन का एक एक शब्द सत्य है !!
Audio Credit:- Manish Bhatt Ji
Video Credit:- Atul Goyal
Category:-Shyam Bhajan Devotional Songs
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