तुम बिन हमारी विपदा माँ कौन
(मुखड़ा)
तुम बिन हमारी विपदा,
माँ, कौन आके टारे,
नैया भँवर पड़ी है,
कर दो ज़रा किनारे।।
(अंतरा)
निर्धन को मिली माया,
गूँगे ने गीत गाए,
कोढ़ी को मिली काया,
अंधे ने नैन पाए,
मैं भी शरण में तेरी,
हर कष्ट सब हमारे,
नैया भँवर पड़ी है,
कर दो ज़रा किनारे।।
तेरे द्वार से माँ,
खाली न कोई जाए,
तू है बड़ी दयालु,
हर कोई गीत गाए,
मैं भी पड़ा माँ कब से,
मैया, शरण तिहारे,
नैया भँवर पड़ी है,
कर दो ज़रा किनारे।।
ज्योति से तेरी जगमग,
ये चाँद और तारे,
पल में मिटाए माँ तू,
भक्तों के कष्ट सारे,
'राजेंद्र' गीत गा-गा,
तेरी आरती उतारे,
नैया भँवर पड़ी है,
कर दो ज़रा किनारे।।
(अंतिम पुनरावृत्ति)
तुम बिन हमारी विपदा,
माँ, कौन आके टारे,
नैया भँवर पड़ी है,
कर दो ज़रा किनारे।।
तुम बिन हमारी विपदा माँ कौन आके टाले..
गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी
गीतकार-राजेंद्र प्रसाद सोनी