राधे राधे, कृष्णा कृष्णा, कृष्णा कृष्णा, राधे राधे। हम पागल हैं, पागल वृन्दावन धाम के, वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के।
डोले श्याम नाम के पागल, वृन्दावन पागल खाने में, मस्ती में मस्त हैं रहते, मिले पागलपन नज़राने में, मन तू भी पागल हो जा, मस्ताने तरंग में खो जा चढ़ जाए नशा फिर,
नाम के जाम में, हम पागल हैं, पागल वृन्दावन धाम के, वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के।
पूरे मन से जो लग जाता, वो लग कर कुछ पा लेता है, सदा अंग संग हरी रहता, पर ध्यान ना कोई देता है, कोई झूठे नाम के पागल, कोई सच्चे श्याम के पागल, जहाँ दूर दूर तक पागल, जगत तमाम में,
Chitra Vichitra Ji Maharaj Bhajan Lyrics in Hindi
हम पागल हैं, पागल वृन्दावन धाम के, वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के।
कितने हुए अब तक पागल। इन की न कोई समाई, मीरा करमा विदुरानी, शबरी गोपाली बाई, पावन भक्तों के चरित्र, हृदय को करे पवित्र, पागल करे चित्र विचत्र, श्री राधा नाम के, हम पागल हैं,