राणीसती राणा ने कह रही जी लेज्या राणा भस्मी

राणीसती राणा ने कह रही जी लेज्या राणा भस्मी

राणीसती राणा ने कह रही जी
लेज्या राणा भस्मी और घोड़ी तेरे साथ
मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

1..दिन छिपणा से पहल्यां ना रुकीजै
सही ठीकाणे रुक ज्यावेगी घोड़ी अपने आप..
मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

2.. दुनिया सारी थानै रोकसी जी
पण तू निर्भय रहजे राणा मैं हूं तेरे साथ..
मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

3.. कोई भी मूरति मेरी ना बणा ज्यो
करसूं में त्रिशूल में बैठी सबकी नैया पार..
मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

4.. भादी मावस को मेळो लागसी जी
जात जड़ूला करबा आसी लाखां ही नर नार..
मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

5.. चुनड़ी उढ़ा कर झोळी जो मांडसी जी
करस्यूँ मंगल अम्बरीष कोनी भेजूं खाली हाथ..
मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी
 
भजन श्रेणी : माता रानी भजन (Mata Rani Bhajan)


राणीसती राणा ने कह रही जी लेज्या राणा भस्मी और घोड़ी तेरे साथ मंदिर बणसी मेरो जोर को जी #Ambrish
 
राणी सती माता की पुकार मन को भक्ति और विश्वास से भर देती है, जो भक्त को निर्भय होकर उनके चरणों में समर्पित होने की प्रेरणा देती है। माता कहती हैं कि रास्ते की हर मुश्किल को पार कर, बिना रुके उनके धाम पहुँचो, क्योंकि उनकी कृपा से घोड़ी स्वयं सही ठिकाने पर ले जाएगी। दुनिया भले ही रोकने की कोशिश करे, लेकिन माता का साथ पाने वाला मन डर से मुक्त हो जाता है। उनकी मूर्ति बनाना जरूरी नहीं, क्योंकि वे त्रिशूल पर विराजकर हर भक्त की नैया पार करती हैं। भाद्रपद की अमावस्या को उनके मंदिर में मेला लगता है, जहाँ लाखों नर-नारी उनके दर्शन को आते हैं। चुनरी चढ़ाकर, झोली फैलाने वाला भक्त कभी खाली नहीं लौटता, क्योंकि माता की कृपा से उसका जीवन मंगल और सुख से भर जाता है। यह सुंदर भजन मन को माता की शरण में जाने और उनके प्रेम में डूबकर सारी बाधाओं से मुक्ति पाने का विश्वास जगाता है।
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post