उत्तराखंड देवों की निशानी शिवज्यूँ संग भजन
उत्तराखंड देवों की निशानी शिवज्यूँ संग बैठी भवानी
उत्तराखंड देवों की निशानी,
शिवज्यूँ संग बैठी भवानी।
काबा आया गोल्ज्यू मेरा, काबा आया सैमा,
काबा आई जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
गैराड़ है गोल्ज्यू आया, झाँकरे है सैमा,
गंगोली हाट है भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
के पैरी बे गोल्ज्यू आया, के पैरी बे सैमा,
के पैरी बे आयी भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
टाकी पैरी गोल्ज्यू आया, धोती पैरी सैमा,
साड़ी पैरी बे आयी भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
के खानाहल गोल्ज्यू मेरा, के खानाहल सैमा,
की खाँची जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
धिनाली गोल्ज्यू खानी, दाल-भात सैमा,
हलुवा पूरी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
के मैं आया गोल्ज्यू मेरा, के मैं आया सैमा,
के मैं आयी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
घोड़ा चढ़ी गोल्ज्यू आया, हिरण में सैमा,
शेर चढ़ी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
के दीन्हाळ गोल्ज्यू मेरा, के दीन्हाळ सैमा,
के दीछी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
न्याय दिनी गोल्ज्यू मेरा, अन्न-धन सैमा,
सुख-शांतोष अम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
उत्तराखंड देवों की निशानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
शिवज्यूँ संग बैठी भवानी।
काबा आया गोल्ज्यू मेरा, काबा आया सैमा,
काबा आई जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
गैराड़ है गोल्ज्यू आया, झाँकरे है सैमा,
गंगोली हाट है भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
के पैरी बे गोल्ज्यू आया, के पैरी बे सैमा,
के पैरी बे आयी भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
टाकी पैरी गोल्ज्यू आया, धोती पैरी सैमा,
साड़ी पैरी बे आयी भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
के खानाहल गोल्ज्यू मेरा, के खानाहल सैमा,
की खाँची जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
धिनाली गोल्ज्यू खानी, दाल-भात सैमा,
हलुवा पूरी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
के मैं आया गोल्ज्यू मेरा, के मैं आया सैमा,
के मैं आयी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
घोड़ा चढ़ी गोल्ज्यू आया, हिरण में सैमा,
शेर चढ़ी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
के दीन्हाळ गोल्ज्यू मेरा, के दीन्हाळ सैमा,
के दीछी जगदम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै शिवानी।।
न्याय दिनी गोल्ज्यू मेरा, अन्न-धन सैमा,
सुख-शांतोष अम्बा भवानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
उत्तराखंड देवों की निशानी,
शिवज्यूँ संग बैठी रै भवानी।।
उत्तराखंड देवों की निशानी उँचा डांडियों मा बैठी भवानी🙏गढवाली भजन || latest bhajan 2022
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उत्तराखंड देवों की भूमि है, जहां शिवजी के साथ भवानी जी विराजमान रहती हैं। काबा हो या गैराड़ गंगोली हाट, हर ओर से मां आती हैं लोक आस्थाओं संग। पैरी बे पहनकर, खानाहल खिचड़ी थाली सजाकर, घोड़ा शेर चढ़कर दर्शन देते हैं। इश्वर का आशर्वाद है जो न्याय अन्न धन बरसाता, सुख शांति का आशीष देता। धिनाली दाल भात हो या हलुवा पूरी, नेह से भरी भेंट मां स्वीकार करतीं।
टाकी धोती साड़ी सजाए जगदंबा आतीं, दीन्हाल दीछी बांटतीं हर भक्त को। शिवजी संग बैठी शिवानी हर कथा को जीवंत कर देतीं। ये लोक लीला दिल को घर जैसा बांध लेती, आस्था की लहर दौड़ा देती। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री भवानी मां जी।
टाकी धोती साड़ी सजाए जगदंबा आतीं, दीन्हाल दीछी बांटतीं हर भक्त को। शिवजी संग बैठी शिवानी हर कथा को जीवंत कर देतीं। ये लोक लीला दिल को घर जैसा बांध लेती, आस्था की लहर दौड़ा देती। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री भवानी मां जी।
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Admin - Saroj Jangir
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