चल श्याम की छतरी के नीचे, गम के बादल छंट जाएंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे, चल श्याम की छतरी के नीचे, गम के बादल छंट जाएंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे।
क्यूं दर दर जाकर रोता है, क्यूं अपनी हंसी कराता है, तू करले भरोसा बाबा पे, अगर श्याम से तेरा नाता है, हारे के साथी हैं पगले, हारे का साथ निभायेंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे, चल श्याम की छतरी के नीचे, गम के बादल छंट जाएंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे।
जो श्याम के सच्चे प्रेमी हैं, वो हिम्मत कभी ना हारेंगे, चाहे सुख हो, दुख हो, श्याम रटै, किसी और का नाम पूकारें ना, तेरी आँख से आसूं जब निकले, ये दौड़े दौड़े आयेंगे, चल श्याम की छतरी के नीचे, गम के बादल छंट जाएंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे।
जो पूछ ले श्याम दीवानों से, जिनको मेरे श्याम का साथ मिला, जब जब कोई संकट आया, श्री श्याम प्रभु का हाथ मिला, रोमी के जैसे लाखों हैं, जो बात यही बतलायेंगे, चल श्याम की छतरी के नीचे, गम के बादल छंट जाएंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे।
चल श्याम की छतरी के नीचे, गम के बादल छंट जाएंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे, चल श्याम की छतरी के नीचे, गम के बादल छंट जाएंगे, जब छांव मिलेगी बाबा की, दुखड़े तेरे कट जायेंगे।