सुनो गुजरिया माखन तो, मुझे नहीं खिलाती हो, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो, सुनो गुजरिया माखन तो, मुझे नहीं खिलाती हो, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो।
क्यों इतराती खुद पर इतना, बरसाने की बाला, मीठी मीठी बातों में तेरी, मैं ना आने वाला,
सुनकर के मुरली की धुन, फिर नज़र ना आती हो, अरे, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो। रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो।
आज गुजरिया कान्हा ना, तेरी बातों में आयेगा, जब तक माखन ना दो, मुरली नहीं सुनायेगा, जानता हूं मैं झूठी मुठी, बात बनाती हो,
Khatu Shyam Ji Bhajan Lyrics in Hindi,Krishna Bhajan Lyrics Hindi,Radha Rani Bhajan Lyrics in Hindi
ओ, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो। रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो।
तुम को मुरली की धुन प्यारी, मुझ को माखन प्यारा, जो मुरली सुननी है, मुझको दे दो माखन सारा, मांगने से देती ना, माखन चोर बताती हो, अरे, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो।
रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो।
सुनो गुजरिया माखन तो, मुझे नहीं खिलाती हो, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो, सुनो गुजरिया माखन तो, मुझे नहीं खिलाती हो, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो, अरे, रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो। रोज मेरी मुरली की धुन, सुनने आ जाती हो।