पांव में घुंघरू बांध के नांचे और जपे राम

पांव में घुंघरू बांध के नांचे और जपे राम की माला

राम नाम की लूट है,
लूट सके तो लूट,
अंत काल पछतायेगा,
जब प्राण जायेंगे छूट।
तुलसी इस ससार में,
भाँती भाँती के लोग,
सबसे से हिल मिल चालिए,
नदी नाव संजोग।
अरे पांव में घुंघरू बांध के नांचे,
पांव में घुंघरू बांध के नांचे,
और जपे राम की माला,
हो बजरंग बाला ,
जय हो बजरंग बाला।

सिया राम ही राम पुकारे,
हनुमत जाय असुर सब मारे,
सीता की सुध लेने खातिर ,
क्या से क्या कर डाला,
हो बजरंग बाला ,
जय हो बजरंग बाला।
पांव में घुंघरू बांध के नांचे,
और जपे राम की माला,
हो बजरंग बाला ,
जय हो बजरंग बाला।

ऋषि मुनियो ने ध्यान लगाया ,
तुजे जहा सिवरू वहा पाया।
मुझ पर कृपा करो बजरंगी ,
लाल लंगोटे वाला।
हो बजरंग बाला ,
जय हो बजरंग बाला।
पांव में घुंघरू बांध के नांचे,
और जपे राम की माला,
हो बजरंग बाला ,
जय हो बजरंग बाला।

तुजसा देव नहीं कोई दानी ,
तेरी महिमा ना जाए बखानी।
शांतिदास का तुम बजरंगी ,
रात दिन रखवाला।
हो बजरंग बाला ,
जय हो बजरंग बाला।

पाँव में घुंगरू बांध के नाचे ,
और जपे राम की माला।
हो बजरंग बाला ,
जय हो बजरंग बाला।
पाँव में घुंघरू राम नाम जपे,
हाथ में ले खड़ताल,
पाँव में घुंघरू राम नाम जपे,
हाथ में ले खड़ताल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल।

राम नाम की धुन पर नाचे,
हो के मस्त दीवाना,
राम नाम की धुन पर नाचे,
हो के मस्त दीवाना,
राम राम ही राम जपे ये,
गाये राम तराना,
देखो कितना प्यारा लागे,
मां अंजनी का लाल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल।

राम नाम की बूटी भैया,
जब इसने थी खाई,
ऐसी भरी छलांग जा,
सोने की लंका जलाई,
बाग उजाड़ा रावण का और
अक्षय का किया संहार,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल।

राम भक्त बजरंगी का जो,
मन में ध्यान लगाए,
चौरासी का गेड़ भी भैया,
उसे फंसा ना पाए,
ओट तू ले ले राम नाम की,
करेगा भव से पार,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल।

पाँव में घुंघरू राम नाम जपे,
हाथ में ले खड़ताल,
पाँव में घुंघरू राम नाम जपे,
हाथ में ले खड़ताल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल,
नाचे मेरा बजरंगी,
रे ता ता थैया ताल।

भजन श्रेणी : हनुमान भजन (Hanuman Bhajan)


Raag Bhairvi | पाँव में घुंगरू बाँध के नाचे जपे राम की माला | बालाजी भजन 
 
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एक बात तो पक्की है....भजन सुनते सुनते आप भी नाचने को मजबूर हो जाएंगे
 
राम नाम की ये लूट अनोखी है, जितना लूट सको लूट लो, क्योंकि अंत समय में प्राण छूटते ही सब कुछ पीछे रह जाता है और पछतावा ही साथ रह जाता है। तुलसीदास जी कहते हैं कि इस संसार में तरह-तरह के लोग हैं, जैसे नदी में नाव का संयोग होता है, वैसे ही मिल-जुलकर चलो, लेकिन दिल में राम नाम का सहारा थाम लो। बजरंग बली के पैरों में घुंघरू बंधे हैं, राम की माला जपते हुए वो नाचते हैं, जैसे मस्ती में डूबे कोई दीवाना। सीता की सुध लेने को लंका जलाई, असुरों का संहार किया, रावण का बाग उजाड़ दिया, अक्षय कुमार को मार गिराया – सब राम के नाम की ताकत से। वो लाल लंगोटे वाले बजरंगी, शांतिदास, रात-दिन रखवाला, दानी से भी बड़े दानी हैं।

ऋषि-मुनि ध्यान लगाकर उन्हें पाते हैं, शिव में भी बस वो ही दिखते हैं। राम नाम की बूटी खाकर ऐसी छलांग लगाई कि सोने की लंका जली, भवसागर पार हो गया। जो राम भक्त बजरंगी का ध्यान लगाता है, चौरासी का फेरा उसे छू भी नहीं पाता। पैरों में घुंघरू, हाथ में खड़ताल, राम नाम की धुन पर नाचता है बजरंगी, ता-ता-थैया ताल में मस्त होकर। राम राम जपते, राम का तराना गाते, अंजनी का लाल कितना प्यारा लगता है। ये नाच सिर्फ नाच नहीं, ये राम नाम की मस्ती है, ये भक्ति की उमंग है, जो दिल को हल्का कर देती है और जीवन को राम रंग में रंग देती है। बस थोड़ा सा राम नाम जप लो, घुंघरू बजा लो, और देखो कैसे बजरंग बली का साथ मिल जाता है, हर मुश्किल आसान हो जाती है। 
 

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