एक बार वे श्याम बंसरी सुना जा

एक बार वे श्याम बंसरी सुना जा

मुख नाल लाके एक बार वे,
श्याम बंसरी सुना जा,
मुख नाल लाके एक बार वे,
जरा बंसरी सुना जा,
असी ना कहना बार बार वे,
जरा बंसरी सुना जा।

बंसी तेरी ने दिल सडा मोह लिया,
खाना पीना सब मेरा खो लया,
खौ लिया हार ते शिंगार वे,
जरा बंसरी सुना जा,
असी ना कहना बार बार वे,
जरा बंसरी सुना जा।

बंसी तेरी विच की है जादू ,
बंसी सुनाके सानू कर लया काबू,
बंसी तेरी च जिन्द जान वे,
जरा बंसरी सुना जा,
असी ना कहना बार बार वे,
जरा बंसरी सुना जा।

बंसी तेरी बांस दी पोरी,
वज़दी ऐ पर थोड़ी थोड़ी,
वज़दी यमुना दे पार वे,
जरा बंसरी सुना जा,
असी ना कहना बार बार वे,
जरा बंसरी सुना जा।

वंसी तेरी वच की है जादू ,
तीना लोका नू कर लया काबू,
त्रिलोकी दे नाथ वे,
जरा बंसरी सुना जा,
असी ना कहना बार बार वे,
जरा बंसरी सुना जा।

श्यामा मेरी ऐ हो अर्ज़ी , 
मने ना मने तेरी मर्जी,
मेनू रख चरणा दे नाल वे,
जरा बंसरी सुना जा,
असी ना कहना बार बार वे,
जरा बंसरी सुना जा।




Krishna Bhajan, Mukh Naal Lake Ek Baar Ve Shyam Bansari Suna Ja Bhajan
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