घाटे आले तेरी नांव में, मैं बैठना चाहूँ सूं, बालाजी मन्ने पार तार दे, मैं के रोज रोज आवुं सूं। घाटे आळे तेरी नांव में, मैं बैठना चाहूँ सूं, बालाजी मन्ने पार तार दे, मैं के रोज रोज आवुं सूं।
दुःख दिखे आख्या में पाणी,
उजले कुए की तरिया, बालाजी मेरा कोई नहीं सै, बस तू है एक सुननिया, बैठ्या सूं अंधे की तरिया, मैं तेरा दर्शन चाहूँ सुन, बालाजी मन्ने पार तार दे, मैं के रोज रोज आवुं सूं।
मेरी काया ने निर्मल कर दे, मैं तेरे दर्शन का प्यासा, बालाजी मन्न मुश्किल हो रही, यो तन्ने काम जरा सा, इतने पाप करे दुनिया में,
मैं कहता शरमाऊं, बालाजी मन्ने पार तार दे, मैं के रोज रोज आवुं सूं।
भवसागर में बीच फिरूं सूं, मैंने दिखे नहीं किनारा, बालाजी मेरा हाथ पकड़ ले, मैंने तेरा एक सहारा, मेरा कर्मा का गिरे है चौबारा, मैं फिर चीनणा चाहूँ सूं, बालाजी मन्ने पार तार दे, मैं के रोज रोज आवुं सूं।
रामकिशन इस कलयुग ने, यो ऐसा जाल फ़ैलाया, बालजी तू कष्ट हरण ने, इब मेहंदीपुर में आया, रोम रोम तेरे राम समाया, मैं देखना चाहना चाहूँ सु, बालाजी मन्ने पार तार दे, मैं के रोज रोज आवुं सूं।
घाटे आले तेरी नांव में Ghate Aale Teri Naav Mein
Hanuman Bhajan: Ghate Aale Teri Naav Mein Album Name: Teri Sharan Mein Balaji Singer: Narender Kaushik - Samchana Wale Music Director: Narendra Kaushik Lyricist: Ram Kishan Fauji Music Label: T-Series