कान्हा तोहे नैना बीच बसा लूंगी
कान्हा तोहे नैना बीच बसा लूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं कीरत की छोरी,
कान्हा तोहे नैना बीच बसा लूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी।
तेरे दरस की मैं दीवानी,
बरसाने की राधे रानी,
कान्हा तोहे मेहलन में बुलवा लूंगी,
कान्हा तोहे नैना बीच बसा लूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी।
तेरे बिन मोह चैन ना आवे,
तिरछी नजर से तीर चलावे,
कान्हा तोहे दिल के बीच बसा लूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी।
पल पल याद शाम तेरी आवे,
श्याम बिना वह कछु नहीं भावे,
कान्हा तोहे जमुना तीर बुला लूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी।
बरसाने में तू चलो अईयो,
ग्वालो की टोली संग लइयो,
कान्हा तोहे माखन मिश्री खिला दूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी।
कान्हा तोहे नैना बीच बसा लूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं कीरत की छोरी,
कान्हा तोहे नैना बीच बसा लूंगी,
मैं हूं वृषभान किशोरी,
मैं हूं वृषभान किशोरी।