जग का हूं मैं सताया साईं गले लगा लो साई भजन

जग का हूं मैं सताया साईं गले लगा लो साई भजन

जग का हूं मैं सताया, साईं गले लगा लो,
मिट्टी में मिल गया हूं, ये हाथ तुम उठा लो,
जग का हूं मैं सताया, साईं गले लगा लो।

माना कि तेरी रहमत के भी नहीं हूं काबिल,
तुझसे बिछड़ के मुझको मिलता नहीं है साहिल,
चरणों से दूर रख के इतनी तो सजा दो,
मिट्टी में मिल गया हूं, ये हाथ तुम उठा लो,
जग का हूं मैं सताया, साईं गले लगा लो।

ले ले के नाम तेरा, देते हैं लोग ताने,
दिल की लगी को मेरी, क्या दुनिया वाले जाने,
दर पे पड़ा हुआ हूं, लो पार अब कर दो,
मिट्टी में मिल गया हूं, ये हाथ तुम उठा लो,
जग का हूं मैं सताया, साईं गले लगा लो।

तेरे सहारे बेड़ी नदियों में छोड़ दी है,
दुखों की आंधियों ने पतवार तोड़ दी है,
बन के खिवैया हर्ष की नैया को तुम संवारो,
मिट्टी में मिल गया हूं, ये हाथ तुम उठा लो,
जग का हूं मैं सताया, साईं गले लगा लो।



जिन्दगी को हर परेशानी व दुखो से मुक्त बना देगा ये भजन "Jag Ka Mein Hoon Sataya | Ravindra Kabir

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जिन्दगी को हर परेशानी व दुखो से मुक्त बना देगा ये भजन "Jag Ka Mein Hoon Sataya | Ravindra Kabir
Song - Jag Ka Mein Hoon Sataya
Singer - Ravindra Kabir
Writer - Shiv (Harsh)
Music - R.D Rakesh Dilip
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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