मेरे प्यारे वतन खाते हैं कसम

मेरे प्यारे वतन खाते हैं कसम

मेरे प्यारे वतन, खाते हैं कसम,
तेरे कदमो में जां तक, लुटा जायेंगे,
मेरे प्यारें वतन, खाते है कसम,
तेरे कदमो में जां तक, लुटा जाएंगे,
सीने पर गोलियां, तेरे ख़ातिर तो हम,
हँसते हँसते, खुशी से ही खा जाएँगे,
मेरे प्यारे वतन, खाते हैं कसम............।

फोड़ देंगे वो हर आँख, दुश्मन की हम,
आँख नफ़रत से तुझको, जो देखे सनम,
मौत भी तेरे सेवा में, आ जाये तो,
मुस्कुराकर गले से, लगा जायेंगे,
मेरे प्यारें वतन, खाते है कसम,
तेरे कदमो में जां तक, लुटा जाएंगे,
मेरे प्यारे वतन, खाते हैं कसम............।

जब तलक साँस चलती रहेगी मेरी,
दाग दामन में तेरे, लगेगी नही,
जब जरूरत पड़ेगी, हमारी तुझे,
बाँध सर पे कफन अपने आ जाएंगे,
मेरे प्यारें वतन, खाते है कसम,
तेरे कदमो में जां तक, लुटा जाएंगे,
मेरे प्यारे वतन, खाते हैं कसम............।

मेरे प्यारे वतन, खाते है कसम,
तेरे कदमो में जाँ तक, लुटा जाएंगे,
सीने पर गोलियां, तेरे खातिर तो हम,
हँसते हँसते, खुशी से ही खा जाएँगे,
मेरे प्यारे वतन, खाते हैं कसम............।




मेरे प्यारे वतन खाते है कसम तेरे कदमो में जाँ तक लुटा जायेंगे सांग...सुभाष चौधरी /देशभक्ति गीत मेरे प्यारे वतन खाते हैं कसम
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