मिश्री से मीठो राधा नाम को गायेंगें
मिश्री से मीठो राधा नाम को गायेंगें
बरसाने में अपना,जीवन बितायेंगें,
मिश्री से मीठो नाम,
राधा नाम को गायेंगें,
बरसाने में अपना,
जीवन बितायेंगें,
मिश्री से मीठो नाम,
राधा नाम को गायेंगें।
गहवर वन की कुंजे,
बरसाने की गलिया,
कर मोर कुटी दर्शन,
परिकर्मा लगायेंगे,
मिश्री से मीठो नाम,
राधा नाम को गायेंगें।
संतो की संगत को,
रसीको की वाणी को,
जीवन का अपने हम,
यही आधार बनायेंगे,
मिश्री से मीठो नाम,
राधा नाम को गायेंगें।
ये मन नहीं लगता,
इस झूठे जमाने में,
गुरु मंडली को श्यामा,
रख लो बरसाने में,
ये भक्त तेरे भी अब,
सदा यही लिखते जायेंगे,
मिश्री से मीठो नाम,
राधा नाम को गायेंगें।
बरसाने में अपना,
जीवन बितायेंगें,
मिश्री से मीठो नाम,
राधा नाम को गायेंगें,
बरसाने में अपना,
जीवन बितायेंगें,
मिश्री से मीठो नाम,
राधा नाम को गायेंगें।
मिश्री से मीठो राधा नाम को गायेंगें