राष्ट्र सेविका समिति प्रार्थना नमामो वयं मातृभूः
नमामो वयं मातृभूः पुण्यभूस्त्वाम,
त्वया वर्धिताः संस्कृतास्त्वत्सुताः,
अये वत्सले मग्डले हिन्दुभूमे,
स्वयं जीवितान्यर्पयामस्त्वयि।
नमो विश्वशक्त्यै नमस्ते नमस्ते,
त्वया निर्मितं हिंदुराष्ट्रं महत,
प्रसादात्तवैवात्र सज्जाः समेत्य,
समालंबितुं दिव्यमार्गं वयम।
समुन्नामितं येन राष्ट्रं न एतत,
पुरो यस्य नम्रं समग्रं जगत,
तदादर्शयुक्तं पवित्रं सतीत्वम,
प्रियाभ्यः सुताभ्यः प्रयच्छाम्ब ते।
समुत्पादयास्मासु शक्तिं सुदिव्याम,
दुराचार दुर्वृत्ति विध्वंसिनीम,
पिता पुत्र भ्रातृंश्च भर्तारमेवम,
सुमार्गं प्रति प्रेरयन्तीमिह।
सुशीलाः सुधीराः समर्थाः समेताः,
स्वधर्मे स्वमार्गे परं श्रद्धया,
वयं भावि तेजस्वि राष्ट्रस्य धन्याः,
जनन्यो भवेमेति देह्याशिषम।
भारत माता की जय,
भारत माता की जय।
प्रार्थना का हिन्दी में सरल अनुवाद
हे मातृभूमे, हे पुण्यभूमे,
ये तरी कन्याएं,
जिनका संवर्धन और,
संस्करण तूने किया है,
वे तुझे वंदन करती है,
हे वत्सले, मंगले, हिन्दुभूमे,
तेरे लिए हम स्वयं,
अपना जीवन,
समर्पण कर रही है।
हे विश्वशक्ति,
तुझे नमस्कार,
इस महान हिन्दु राष्ट्र का,
निर्माण तूने किया है,
यह तेरी ही कृपा है,
कि हम इस दिव्य मार्ग का,
अवलंबन करने के लिए,
सुसज्जित होकर,
संगठित हुई है।
जिस सतीत्व ने,
इस राष्ट्र को श्रेष्ठ,
बनाया है जिसके,
सामने समग्र विश्व,
नम्र होता है, उस आदर्श,
पवित्र सतीत्व को,
हे अम्बे,
अपनी प्रिय कन्याओं,
को प्रदान करो।
दुराचार और दुर्वृत्तिओं,
का विध्वंस करनेवाली,
दिव्य शक्ति हमे प्रदान करे,
तथा पिता, पुत्र,
बंधु और पति इन,
सबको सुमार्ग पर,
चलने की प्रेरणा,
देने वाली दिव्य शक्ति,
हमें प्रदान करो।
हम सुशील, सुधीर,
समर्थ और संगठिम बने,
स्वधर्म और स्वमार्ग पर,
अत्याधिक श्रद्धा करें,
हम भावी तेजस्वी राष्ट्र की,
कृतार्थ जननी,
बन सकें,
यह आशीष दो।
त्वया वर्धिताः संस्कृतास्त्वत्सुताः,
अये वत्सले मग्डले हिन्दुभूमे,
स्वयं जीवितान्यर्पयामस्त्वयि।
नमो विश्वशक्त्यै नमस्ते नमस्ते,
त्वया निर्मितं हिंदुराष्ट्रं महत,
प्रसादात्तवैवात्र सज्जाः समेत्य,
समालंबितुं दिव्यमार्गं वयम।
समुन्नामितं येन राष्ट्रं न एतत,
पुरो यस्य नम्रं समग्रं जगत,
तदादर्शयुक्तं पवित्रं सतीत्वम,
प्रियाभ्यः सुताभ्यः प्रयच्छाम्ब ते।
समुत्पादयास्मासु शक्तिं सुदिव्याम,
दुराचार दुर्वृत्ति विध्वंसिनीम,
पिता पुत्र भ्रातृंश्च भर्तारमेवम,
सुमार्गं प्रति प्रेरयन्तीमिह।
सुशीलाः सुधीराः समर्थाः समेताः,
स्वधर्मे स्वमार्गे परं श्रद्धया,
वयं भावि तेजस्वि राष्ट्रस्य धन्याः,
जनन्यो भवेमेति देह्याशिषम।
भारत माता की जय,
भारत माता की जय।
प्रार्थना का हिन्दी में सरल अनुवाद
हे मातृभूमे, हे पुण्यभूमे,
ये तरी कन्याएं,
जिनका संवर्धन और,
संस्करण तूने किया है,
वे तुझे वंदन करती है,
हे वत्सले, मंगले, हिन्दुभूमे,
तेरे लिए हम स्वयं,
अपना जीवन,
समर्पण कर रही है।
हे विश्वशक्ति,
तुझे नमस्कार,
इस महान हिन्दु राष्ट्र का,
निर्माण तूने किया है,
यह तेरी ही कृपा है,
कि हम इस दिव्य मार्ग का,
अवलंबन करने के लिए,
सुसज्जित होकर,
संगठित हुई है।
जिस सतीत्व ने,
इस राष्ट्र को श्रेष्ठ,
बनाया है जिसके,
सामने समग्र विश्व,
नम्र होता है, उस आदर्श,
पवित्र सतीत्व को,
हे अम्बे,
अपनी प्रिय कन्याओं,
को प्रदान करो।
दुराचार और दुर्वृत्तिओं,
का विध्वंस करनेवाली,
दिव्य शक्ति हमे प्रदान करे,
तथा पिता, पुत्र,
बंधु और पति इन,
सबको सुमार्ग पर,
चलने की प्रेरणा,
देने वाली दिव्य शक्ति,
हमें प्रदान करो।
हम सुशील, सुधीर,
समर्थ और संगठिम बने,
स्वधर्म और स्वमार्ग पर,
अत्याधिक श्रद्धा करें,
हम भावी तेजस्वी राष्ट्र की,
कृतार्थ जननी,
बन सकें,
यह आशीष दो।
राष्ट्र सेविका समिति प्रार्थना।।नमामो वयं मातृभूः पुण्यभूस्त्वाम्।। Rashtr sevika samiti prathna राष्ट्र सेविका समिति प्रार्थना नमामो वयं मातृभूः
राष्ट्र सेविका समिति की प्रार्थना राष्ट्र सेविका समिति प्रार्थना।।नमामो वयं मातृभूः पुण्यभूस्त्वाम्।। Rashtr sevika samiti prathna||
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