भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में यह अजब नजारा
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में यह अजब नजारा देखा है
मैं जल भर लोटा लाई हूं,भोले तुम्हें चढ़ाने आई हूं,
भोलेनाथ तुम्हारी जटाओं में,
गंगा ने डेरा डाला है,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
यह अजब नजारा देखा है।
मैं चंदन की कटोरी लाई हूं,
भोले तिलक लगाने आई हूं,
भोलेनाथ तुम्हारे मस्तक पर,
चंदा ने डेरा डाला है,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
यह अजब नजारा देखा है।
फूलों की छबड़िया लाई हूं,
भोले हार पहनाने आई हूं,
भोलेनाथ तुम्हारे अंगों पर,
नागों ने डेरा डाला है,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
यह अजब नजारा देखा है।
मैं सेब संतरा लाई हूं,
तुम्हे भोग लगाने आई हूं,
भोलेनाथ तुम्हारी पिंडी पर,
यह भांग धतूरा चढ़ता है,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
यह अजब नजारा देखा है।
मैं दूध कटोरा लाई हूं,
भोले तुम्हें पिलाने आई हूं,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
भांगो की लस्सी चढ़ती है,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
यह अजब नजारा देखा है।
मैं ढोलक मजीरा लाई हूं,
भोले भजन सुनाने आई हूं,
भोलेनाथ तुम्हारे हाथों में,
यह डम डम डमरू बजता है,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
यह अजब नजारा देखा है।
मैं जल भर लोटा लाई हूं,
भोले तुम्हें चढ़ाने आई हूं,
भोलेनाथ तुम्हारी जटाओं में,
गंगा ने डेरा डाला है,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में,
यह अजब नजारा देखा है।
सावन स्पेशल।।BHOLENATH TUMHARE MANDIR MEIN AJAB NAJARA DEKHA HAI